RBI Forward Book: आरबीआई का फॉरवर्ड बुक रिकॉर्ड **$137 बिलियन** के पार, क्या रुपये पर बढ़ेगा दबाव?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
RBI Forward Book: आरबीआई का फॉरवर्ड बुक रिकॉर्ड **$137 बिलियन** के पार, क्या रुपये पर बढ़ेगा दबाव?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नेट शॉर्ट डॉलर पोजीशन जुलाई में रिकॉर्ड **$136.77 बिलियन** पर पहुंच गई है। रुपये को स्थिर रखने के लिए अपनाई गई इस स्वैप रणनीति से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार **$729.3 बिलियन** के ऐतिहासिक स्तर पर है, लेकिन अब निवेशकों की नजर इसके मैनेजमेंट पर टिकी है।

रुपये की सुरक्षा के लिए आरबीआई का मास्टर प्लान

भारतीय रिजर्व बैंक अपनी करेंसी मैनेजमेंट रणनीति के तहत एक नए मुकाम पर है। जुलाई के अंत तक फॉरवर्ड मार्केट में बैंक की नेट शॉर्ट डॉलर पोजीशन रिकॉर्ड $136.77 बिलियन दर्ज की गई है। सरल भाषा में कहें तो यह उन डॉलर्स की कुल वैल्यू है जिसे आरबीआई ने भविष्य में बेचने का वादा किया है। इस रणनीति का मुख्य फायदा यह है कि आरबीआई को स्पॉट मार्केट में अपनी कैश (Forex Reserves) बेचने की जरूरत नहीं पड़ती और रुपये में आने वाली उठा-पटक को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

कैसे बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार?

इस आंकड़े में उछाल के पीछे डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा का बड़ा हाथ है। आरबीआई ने इस सुविधा के जरिए अगस्त के अंत तक लगभग $73 बिलियन का इनफ्लो आकर्षित किया है, जिसमें से $65.4 बिलियन अकेले FCNR(B) डिपॉजिट्स से आए हैं। यही कारण है कि आज भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड $729.3 बिलियन के स्तर पर खड़ा है।

भविष्य की चुनौतियां और रिस्क

आरबीआई ने अब लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट्स पर ज्यादा जोर देना शुरू कर दिया है। जून में जो लायबिलिटी $64.21 बिलियन थी, वह अब बढ़कर $91.54 बिलियन हो गई है, जो 1 साल से ज्यादा की मैच्योरिटी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में केंद्रित है।

निवेशकों के लिए सोचने वाली बात यह है कि ये कॉन्ट्रैक्ट्स हमेशा नहीं रहेंगे। जैसे-जैसे FCNR(B) स्वैप विंडो बंद होगी, आरबीआई को अपनी पुरानी और पारंपरिक हस्तक्षेप विधियों पर लौटना होगा। आगे चलकर रुपये की चाल क्रूड ऑयल की कीमतों और अमेरिका के फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की ब्याज दरों पर निर्भर करेगी। मार्केट एक्सपर्ट्स अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि जब यह स्वैप सपोर्ट कम होगा, तो सिस्टम में मौजूद एक्स्ट्रा लिक्विडिटी को आरबीआई कैसे मैनेज करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.