Reserve Bank of India (RBI) ने Financial Markets को बेहतर बनाने के लिए 'Technical Consultative Committee' (TCCFM) लॉन्च की है। डिप्टी गवर्नर रोहित जैन की अगुवाई वाली यह **8** सदस्यीय कमेटी बाजार की दिक्कतों को दूर करने और लिक्विडिटी बढ़ाने पर काम करेगी।
बाजार की कार्यप्रणाली में सुधार का लक्ष्य
भारतीय रिजर्व बैंक ने मनी मार्केट, सरकारी सिक्योरिटीज और फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में कामकाज को सुव्यवस्थित करने के लिए TCCFM का गठन किया है। यह नया निकाय देश के फाइनेंशियल सिस्टम की रीढ़ माने जाने वाले इन सेगमेंट्स की सेहत का मूल्यांकन करेगा। सेंट्रल बैंक का मुख्य उद्देश्य उन बाधाओं की पहचान करना है जो ट्रेडिंग, क्लियरिंग और सेटलमेंट की प्रक्रियाओं को धीमा करती हैं।
कौन है इस कमेटी में?
इस कमेटी की अध्यक्षता डिप्टी गवर्नर रोहित जैन करेंगे। पैनल में 7 बाहरी सदस्य शामिल हैं, जिनमें बैंकिंग और रिसर्च के दिग्गज शामिल हैं। इसमें पूर्व SEBI होल-टाइम मेंबर अनंत नारायण और Morgan Stanley India के रिधम देसाई जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कमेटी हर 3 महीने में एक बार बैठक करेगी और बाजार से जुड़े ऑपरेशनल मुद्दों पर RBI को अपनी सलाह देगी।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
यह कमेटी मार्केट लिक्विडिटी और 'रेगुलेटरी फ्रिक्शन' (Regulatory Friction) जैसे मुद्दों पर काम करेगी। आसान भाषा में कहें तो, यह कमेटी उन नियमों की पहचान करेगी जो अनजाने में ट्रेडिंग को मुश्किल बना रहे हैं। हालाँकि, यह कमेटी केवल सलाह देने का काम करेगी और अंतिम निर्णय RBI का ही होगा। बाजार के जानकारों का मानना है कि यह कदम लंबी अवधि में फाइनेंशियल मार्केट्स को अधिक स्टेबल और एफिशिएंट बनाने में मदद करेगा।
