RBI Forex Reserves: विदेशी मुद्रा भंडार में **$5 अरब** की भारी गिरावट, जानें रुपये को बचाने के लिए RBI का कदम

RBI
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
RBI Forex Reserves: विदेशी मुद्रा भंडार में **$5 अरब** की भारी गिरावट, जानें रुपये को बचाने के लिए RBI का कदम

16 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार **$5.011 अरब** घटकर **$721.016 अरब** पर आ गया है। रुपये में आ रही गिरावट को थामने के लिए RBI का मार्केट में हस्तक्षेप इस कमी की मुख्य वजह है।

रुपये को बचाने की कवायद

विदेशी मुद्रा भंडार में यह गिरावट RBI की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके जरिए केंद्रीय बैंक भारतीय रुपये को मजबूती प्रदान कर रहा है। ग्लोबल मार्केट में डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बना हुआ है, जिसे नियंत्रित करने के लिए RBI अपने रिजर्व से डॉलर की बिक्री कर रहा है। इस प्रक्रिया में बैंक FCNR(B) जैसे संसाधनों का भी उपयोग कर रहे हैं ताकि लिक्विडिटी बनी रहे।

एसेट कंपोजिशन और गोल्ड का सहारा

रिजर्व के सबसे बड़े हिस्से यानी 'फॉरेन करेंसी एसेट्स' में $5.758 अरब की गिरावट आई है, जिससे यह $591.847 अरब पर पहुंच गया है। इसमें यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राएं शामिल हैं, जिनका डॉलर के मुकाबले उतार-चढ़ाव भंडार के कुल मूल्य को प्रभावित करता है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि गोल्ड रिजर्व ने एक बफर के रूप में काम किया है। गोल्ड होल्डिंग्स $706 मिलियन बढ़कर $105.8 अरब हो गई है। इसके अलावा, स्पेशल ड्राइंग राइट्स (SDRs) में $30 मिलियन और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के पास मौजूद रिजर्व में $11 मिलियन का मामूली इजाफा देखा गया है।

निवेशकों के लिए क्या है मतलब?

फॉरेक्स रिजर्व किसी भी देश की आर्थिक सेहत का आईना होता है। यह आयात (Imports) और विदेशी कर्ज चुकाने की देश की क्षमता को दर्शाता है। हालांकि पिछले कुछ हफ्तों से इसमें कमी आई है, लेकिन कुल रिजर्व अभी भी काफी मजबूत स्तर पर बना हुआ है। मार्केट एक्सपर्ट्स इसे करेंसी में अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए RBI के जरूरी कदम के रूप में देख रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.