RBI Liquidity Move: MPC बैठक से पहले बाजार से खींचे ₹3 लाख करोड़, क्या बढ़ेगी ब्याज दर?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
RBI Liquidity Move: MPC बैठक से पहले बाजार से खींचे ₹3 लाख करोड़, क्या बढ़ेगी ब्याज दर?

RBI ने बैंकिंग सिस्टम से ₹3 लाख करोड़ की नकदी निकालने का बड़ा कदम उठाया है। लिक्विडिटी घटाने के इस फैसले को 7 अक्टूबर की MPC बैठक से पहले एक बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जहां **25 बेसिस पॉइंट** की रेट हाइक की उम्मीद है।

7 अक्टूबर, 2026 को होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की अहम बैठक से ठीक पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बड़ा एक्शन लिया है। बुधवार को सेंट्रल बैंक ने 'वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो' (VRRR) नीलामी के जरिए सिस्टम से ₹3 लाख करोड़ की अतिरिक्त नकदी निकालने का फैसला किया है। अक्टूबर की शुरुआत में सिस्टम में करीब ₹5 लाख करोड़ की सरप्लस लिक्विडिटी बनी हुई थी, जिसे मैनेज करना RBI के लिए जरूरी हो गया था।\n\n### रेट हाइक की तैयारी?\n\nबाजार के जानकारों का मानना है कि RBI यह कदम इसलिए उठा रहा है ताकि रेपो रेट में संभावित 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का असर पूरी तरह से इकॉनमी पर दिखे। अगर सिस्टम में बहुत ज्यादा कैश बना रहता, तो बैंक लोन की ब्याज दरें बढ़ाने में सुस्ती दिखाते, जिससे महंगाई पर काबू पाना मुश्किल हो जाता।\n\n### इन सेक्टर्स पर हो सकती है हलचल\n\nब्याज दरों में सख्ती का सीधा असर शेयर बाजार के संवेदनशील सेक्टर्स पर पड़ता है। इसमें रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) सबसे आगे हैं। कर्ज महंगा होने से इन सेक्टर्स में डिमांड धीमी होने का रिस्क रहता है।\n\nअगस्त 2026 में खुदरा महंगाई दर 4.82% दर्ज की गई थी, जो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के दबाव के चलते चिंता का विषय बनी हुई है। निवेशकों की नजर अब कल आने वाले MPC के फैसले पर है, जो भविष्य में ब्याज दरों की दिशा साफ करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.