Rupee vs Dollar: कच्चे तेल की कीमतों में आग, RBI के बचाव से संभला रुपया

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AuthorAditya Rao|Published at:
Rupee vs Dollar: कच्चे तेल की कीमतों में आग, RBI के बचाव से संभला रुपया

भारतीय रुपया बुधवार को **94.97** के स्तर पर स्थिर रहा। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच रिजर्व बैंक (RBI) की सक्रिय दखलंदाजी ने करेंसी को बड़ा सहारा दिया है।

बाजार का हाल

बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 94.97 पर बंद हुआ। इस स्थिरता के पीछे सबसे बड़ी वजह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा लगातार की गई डॉलर की बिकवाली रही। अगर RBI मार्केट में दखल न देता, तो क्रूड ऑयल के बढ़ते दामों के कारण रुपये में और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती थी।

क्यों बना है दबाव?

रुपया इस समय दो मोर्चों पर जूझ रहा है। पहला, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल $97 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। चूंकि भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल के दाम बढ़ते ही डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपये पर दबाव आता है। दूसरा कारण है 4.81% पर पहुंची अमेरिकी 10-year Treasury yield, जो विदेशी निवेशकों को उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका की सुरक्षित एसेट्स की ओर आकर्षित कर रही है।

RBI की रणनीति और रिस्क

RBI के पास $700 बिलियन से ज्यादा का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो इस समय एक सुरक्षा कवच की तरह काम कर रहा है। हालांकि, बाजार के जानकारों की नजर RBI के 'फॉरवर्ड डॉलर बुक' पर भी है, जो फिलहाल $137 बिलियन के आसपास है। यह भविष्य की जिम्मेदारी है जिसे RBI को निभाना होगा। अगर क्रूड ऑयल $100 का आंकड़ा पार करता है, तो भारत का आयात बिल और बढ़ेगा, जिससे केंद्रीय बैंक के लिए करेंसी को थामे रखना और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.