RBI ने दिया बड़ा सरप्राइज: Repo Rate में **25 बेसिस पॉइंट्स** की कटौती, अब **5.00%** पर हुई दरें

RBI
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
RBI ने दिया बड़ा सरप्राइज: Repo Rate में **25 बेसिस पॉइंट्स** की कटौती, अब **5.00%** पर हुई दरें

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 1 अक्टूबर 2026 को रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट्स** की अनपेक्षित कटौती कर इसे **5.00%** कर दिया है। साथ ही, केंद्रीय बैंक ने अपनी पॉलिसी स्टैंड को 'अकोमोडेटिव' (Accommodative) में बदल दिया है, जिससे बाजार में हलचल मच गई है।

बाजार को लगा बड़ा झटका

वित्तीय बाजार के जानकारों को इस बात की उम्मीद थी कि महंगाई को देखते हुए आरबीआई ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। लेकिन, मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने सबको हैरान करते हुए 5-1 के बहुमत से रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स घटाकर 5.00% कर दिया है।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

आरबीआई ने अपने पॉलिसी स्टैंड को 'न्यूट्रल' से बदलकर 'अकोमोडेटिव' (Accommodative) कर दिया है। इसका मतलब है कि अब केंद्रीय बैंक का मुख्य फोकस महंगाई को काबू करने के बजाय आर्थिक विकास (Economic Growth) को रफ्तार देने और सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने पर है।

इस फैसले के पीछे मुख्य आधार देश की मजबूत इकोनॉमिक परफॉर्मेंस है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही है, जो कि काफी मजबूत आंकड़ा है। साथ ही, कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (CPI) के मोर्चे पर भी राहत मिली है, जिसने कमेटी को यह कदम उठाने की आजादी दी।

आम आदमी और निवेशकों पर असर

इस फैसले का सबसे सीधा असर बैंकिंग सेक्टर पर पड़ेगा। रेपो रेट कम होने से बैंकों के लिए फंड जुटाना सस्ता होगा। अगर बैंक इस कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को देते हैं, तो आने वाले समय में होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें नीचे आ सकती हैं, जिससे आपकी EMI में कमी आने की उम्मीद है।

हालांकि, आरबीआई अब भी सतर्क है। बैंक ग्लोबल कमोडिटी प्राइसेज और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखे हुए है, क्योंकि ऊर्जा की कीमतों में उछाल महंगाई को फिर से बढ़ा सकता है। भविष्य में ब्याज दरों का रुख महंगाई के आगामी डेटा पर ही निर्भर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.