Rupee Volatility: RBI के नए नियमों से संभली रुपये की चाल, जानें क्या है असर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Rupee Volatility: RBI के नए नियमों से संभली रुपये की चाल, जानें क्या है असर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पुष्टि की है कि RBI रुपये को स्थिर रखने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। फॉरेक्स डेरिवेटिव्स पर सख्त नियमों के बाद आज रुपया **62 पैसे** मजबूत हुआ है, हालांकि कंपनियां अब बढ़ती हेजिंग लागत (Hedging Costs) को लेकर सतर्क हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम' में साफ कर दिया है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) रुपये में आने वाली भारी उतार-चढ़ाव को थामने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच सेंट्रल बैंक ने करेंसी को सपोर्ट करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

RBI के नए नियम

10 अक्टूबर, 2026 से लागू हुए नए नियमों का मकसद फॉरेक्स मार्केट में सट्टेबाजी को कम करना है। इसके तहत कैंसल हुए डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को फिर से बुक करने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, बैंकों को विशेष ट्रांजैक्शन के लिए 20% का कैश 'फॉरेन एक्सचेंज रिस्क रिजर्व' (FERR) मेंटेन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

बाजार का रिएक्शन

इन सख्त रेगुलेटरी बदलावों का असर आज बाजार में दिखा और रुपया 62 पैसे की मजबूती के साथ बंद हुआ। पिछले कुछ समय से कच्चा तेल (Crude Oil), अमेरिका के ट्रेजरी यील्ड और FPI आउटफ्लो के कारण रुपया काफी दबाव में था।

निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां

जहां ये कदम रुपये में गिरावट को रोकने में मददगार हैं, वहीं इनके चलते कंपनियों की हेजिंग कॉस्ट में 80 से 150 बेसिस पॉइंट्स तक का इजाफा हो सकता है। यह उन कंपनियों के लिए बड़ी चिंता है जो भारी मात्रा में इंपोर्ट करती हैं। जानकारों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर इसका दबाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल, बाजार की नजर इस बात पर है कि RBI स्थिरता और कॉर्पोरेट लागत के बीच संतुलन कैसे बैठाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.