RBI का बड़ा दांव: जुलाई में की रिकॉर्ड **$18.65 बिलियन** की खरीदारी, विदेशी मुद्रा भंडार में भारी उछाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
RBI का बड़ा दांव: जुलाई में की रिकॉर्ड **$18.65 बिलियन** की खरीदारी, विदेशी मुद्रा भंडार में भारी उछाल

RBI ने जुलाई महीने में रिकॉर्ड **$18.65 बिलियन** की डॉलर खरीदारी की है। कंसेशनल स्वैप फैसिलिटी के जरिए आए मजबूत इनफ्लो से देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर **$692.87 बिलियन** के स्तर पर पहुंच गया है। इस कदम का मकसद रुपये में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना है।

लिक्विडिटी मैनेज करने के लिए स्वैप फैसिलिटी का सहारा

डॉलर की इस भारी खरीदारी के पीछे मुख्य वजह सेंट्रल बैंक की स्वैप फैसिलिटी रही है। इस टूल का इस्तेमाल फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग जैसे विदेशी कैपिटल को आकर्षित करने के लिए किया गया। जुलाई के दौरान RBI ने कुल $38.42 बिलियन की खरीदारी की और $19.77 बिलियन की बिकवाली की। इस इंटरवेंशन ने अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत कवच का काम किया, जिससे रुपया 0.71% की गिरावट के बावजूद स्थिर बना रहा।

फॉरवर्ड मार्केट में रिकॉर्ड शॉर्ट पोजीशन

रिजर्व तो बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही फॉरवर्ड मार्केट में RBI की नेट शॉर्ट डॉलर पोजीशन रिकॉर्ड $136.77 बिलियन तक पहुंच गई है। इसमें एक साल से ज्यादा अवधि वाले कॉन्ट्रैक्ट्स का हिस्सा $91.54 बिलियन है। सेंट्रल बैंक इस तरीके का इस्तेमाल एक्स्ट्रा लिक्विडिटी को मैनेज करने और ग्लोबल इकोनॉमिक हलचल से होने वाले करेंसी वोलाटिलिटी को रोकने के लिए करता है। मार्केट के जानकारों की नजर इन फॉरवर्ड ऑब्लिगेशंस पर रहती है, क्योंकि ये भविष्य की मैच्योरिटी प्रेशर को तय करते हैं।

ट्रेड कॉम्पिटिटिवनेस और आउटलुक

RBI लगातार रुपये की वैल्यूएशन पर भी नजर रखे हुए है। अगस्त में रियल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट (REER) बढ़कर 88.92 रहा, जो जुलाई में 88.69 था। यह आंकड़ा 100 के स्तर से नीचे है, जिसका मतलब है कि रुपया बहुत ज्यादा महंगा नहीं है, जिससे भारतीय निर्यात अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बना हुआ है। सितंबर के मध्य तक विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर $765.9 बिलियन के नए कीर्तिमान तक पहुंच गया है। अब निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि RBI कैसे अपनी इन भविष्य की जिम्मेदारियों और करेंसी स्टेबिलिटी के बीच संतुलन बनाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.