RBI Repo Rate: Nomura का बड़ा अनुमान, दिसंबर में **5.75%** पर थम सकता है ब्याज दरों का दौर

RBI
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
RBI Repo Rate: Nomura का बड़ा अनुमान, दिसंबर में **5.75%** पर थम सकता है ब्याज दरों का दौर

RBI द्वारा रेपो रेट को **5.50%** करने के बाद अब ब्रोकरेज फर्म Nomura ने एक नया अनुमान पेश किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि दिसंबर में सिर्फ एक और **25 बेसिस पॉइंट** की बढ़ोतरी होगी, जिससे दरें **5.75%** पर सीमित रह सकती हैं।

ब्याज दरों का नया गणित

7 अक्टूबर, 2026 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50% कर दिया था। इस फैसले के बाद बाजार में यह डर बना हुआ था कि ब्याज दरों में लंबे समय तक बढ़ोतरी जारी रह सकती है। हालांकि, Nomura की हालिया रिपोर्ट ने निवेशकों को राहत दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि दिसंबर में सिर्फ एक और 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी होगी और इसके बाद दरें 5.75% पर स्थिर हो जाएंगी।

क्यों कम होगा दबाव?

Nomura के मुताबिक, मौजूदा पॉलिसी कोई लंबी और आक्रामक टाइटनिंग साइकिल नहीं है, बल्कि यह दरों को एक 'न्यूट्रल' लेवल पर लाने की कोशिश है। बाजार पहले 125 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहा था, लेकिन यह नया आकलन बताता है कि लोन और कर्ज की लागत पर दबाव उतना गंभीर नहीं होगा जितना पहले डराया जा रहा था।

आपके बजट पर क्या होगा असर?

रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की EMI पर पड़ता है। हालांकि, रेट हाइक का सिलसिला छोटा रहने की उम्मीद से NBFCs और MSMEs जैसे क्रेडिट-सेंसिटिव सेक्टर्स को बड़ी राहत मिल सकती है।

क्या है इकोनॉमिक रिस्क?

भले ही RBI ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.1% कर दिया है, लेकिन चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं। ग्रामीण मांग में सुस्ती, मानसून का अनिश्चित पैटर्न और महंगाई का असर चिंता का विषय है। फिलहाल, सभी की नजरें MPC की अगली कमेंट्री और महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.