ब्रोकरेज हाउस Nomura का मानना है कि महंगाई को काबू में रखने के लिए RBI दिसंबर की पॉलिसी बैठक में रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट्स** की बढ़ोतरी कर सकता है।
महंगाई पर काबू पाने की रणनीति
Nomura के अनुमान के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अपनी आगामी दिसंबर पॉलिसी बैठक में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स से बढ़ा सकता है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य रिटेल महंगाई को तय दायरे में रखना है। RBI का फोकस भारतीय रुपये को बचाने के बजाय घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी पर ज्यादा है।
MPC की राय में मतभेद
अक्टूबर में हुई मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक के मिनट्स से साफ है कि सदस्यों के बीच राय अलग-अलग है। जहाँ अंदरूनी अधिकारी महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सख्त रुख के पक्ष में हैं, वहीं बाहरी सदस्यों ने चेतावनी दी है कि आक्रामक दर बढ़ोतरी से इकोनॉमिक ग्रोथ और कंज्यूमर डिमांड पर बुरा असर पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
अगर यह बढ़ोतरी होती है, तो बैंकों, रियल एस्टेट और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे इंटरेस्ट-सेंसिटिव सेक्टर्स पर दबाव बढ़ सकता है। 25 बेसिस पॉइंट्स की यह बढ़ोतरी पूंजी की लागत (Cost of Capital) को और महंगा कर देगी, जिससे कॉरपोरेट मुनाफे पर सीधा असर पड़ सकता है।
Nomura का सुझाव है कि दिसंबर के बाद RBI 'वेट एंड वॉच' की स्थिति अपना सकता है। फिलहाल, बैंक महंगाई और विकास दर के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है। निवेशकों की निगाहें अब अगली पॉलिसी घोषणा पर हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि ब्याज दरों का यह चक्र कब तक थमेगा।
