RBI ने अक्टूबर 2026 से सभी सर्विस एक्सपोर्टर्स, जिसमें IT कंपनियां और फ्रीलांसर्स शामिल हैं, के लिए Export Declaration Form (EDF) भरना जरूरी कर दिया है। यह कदम विदेशी मुद्रा प्रवाह में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है, लेकिन इससे छोटे कारोबारियों पर अनुपालन का बोझ बढ़ेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Foreign Exchange Management (Export and Import of Goods and Services) (Amendment) Regulations, 2026 को लागू कर दिया है, जो 1 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी हो गए हैं। इस बदलाव ने भारतीय सर्विस सेक्टर के लिए नियमों का दायरा काफी बढ़ा दिया है। पहले EDF की जरूरत मुख्य रूप से फिजिकल गुड्स के एक्सपोर्ट के लिए होती थी, लेकिन अब इसमें IT कंपनियां, BPOs, कंसल्टेंट्स और विदेशी भुगतान पाने वाले फ्रीलांसर्स भी शामिल हैं।
अनुपालन की नई प्रक्रिया
नए नियमों के तहत, एक्सपोर्टर्स को अपने Authorised Dealer (AD) बैंक में EDF सबमिट करना होगा, जहां उन्हें विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है। यह फाइलिंग इनवॉइस जारी होने वाले महीने के अंत से 30 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी फ्रीलांसर ने अक्टूबर में इनवॉइस जनरेट किया है, तो उसे 30 नवंबर तक डिक्लेरेशन फाइल करना होगा। यह पूरी प्रक्रिया Export Data Processing and Monitoring System (EDPMS) के जरिए ट्रैक की जाएगी।
बड़ी IT कंपनियों के पास पहले से ही इनवॉइस ट्रैकिंग के लिए मजबूत सिस्टम मौजूद हैं, लेकिन छोटे खिलाड़ियों और फ्रीलांसर्स के लिए यह एक अतिरिक्त प्रशासनिक काम बन गया है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि EDF में घोषित राशि और बैंक खाते में आने वाली राशि का मिलान सटीक हो। बैंकों को भी इन एंट्रियों पर नजर रखनी होगी, और विदेशी मुद्रा इनवॉइस के लिए भुगतान की प्राप्ति 9 महीने के भीतर सुनिश्चित करनी होगी।
सर्विस एक्सपोर्टर्स पर असर
यह कदम क्रॉस-बॉर्डर फाइनेंशियल फ्लो में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, इससे डॉक्यूमेंटेशन की जिम्मेदारी बढ़ गई है। यदि EDF की घोषित वैल्यू और वास्तविक पेमेंट के बीच अंतर आता है, तो बैंकों की ओर से जांच बढ़ सकती है। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मिड-कैप और छोटी कंपनियां इस 30 दिन की साइकिल के साथ खुद को कितनी जल्दी ढाल पाती हैं। जो कंपनियां तय समयसीमा का पालन नहीं करेंगी, उन्हें भविष्य में बैंकिंग संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
