JP Morgan की चेतावनी: RBI की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें गलत, हो सकता है बड़ा नुकसान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
JP Morgan की चेतावनी: RBI की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें गलत, हो सकता है बड़ा नुकसान

JP Morgan Chase का मानना है कि भारतीय वित्तीय बाजार में RBI की ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर जरूरत से ज्यादा उम्मीदें पाल ली गई हैं। ब्रोकरेज के अनुसार, भारी सख्ती इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए खतरा पैदा कर सकती है, जो फिलहाल 2025 के अंत में मिले स्टिमुलस के सहारे टिकी है।

बाजार की गलतफहमी?

JP Morgan Chase ने RBI की मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बाजार में बनी धारणा पर सवाल खड़े किए हैं। जहां मार्केट में इस साल कुल 100 बेसिस पॉइंट्स यानी 1% तक की ब्याज दर वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है, वहीं JP Morgan का मानना है कि RBI सिर्फ 25 बेसिस पॉइंट्स की एक ही बढ़ोतरी करेगा। उनके अनुसार, वर्तमान आर्थिक गति मौजूदा समय में उतनी मजबूत नहीं है कि वह इतनी आक्रामक सख्ती को झेल सके।

स्टिमुलस का असर हो रहा कम

भारत की हालिया 8% की जीडीपी ग्रोथ ने निवेशकों का जोश बढ़ाया है, लेकिन JP Morgan के मुताबिक यह ग्रोथ 2025 की दूसरी छमाही में दिए गए सरकारी सपोर्ट का नतीजा है। इसमें सस्ती उधारी, टैक्स में छूट और रेगुलेटरी बदलाव शामिल थे, जिसने क्रेडिट ग्रोथ को रफ्तार दी थी। अब चिंता यह है कि यह सरकारी सपोर्ट धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। अगर अर्थव्यवस्था अपनी मजबूती के बजाय इस कृत्रिम बूस्ट पर चल रही है, तो आक्रामक रेट हाइक से निवेश और कंजम्पशन दोनों को झटका लग सकता है।

लिक्विडिटी और बैंकिंग सिस्टम

फिलहाल बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अधिक लिक्विडिटी (Cash) के कारण मार्केट रेट्स RBI की पॉलिसी रेट से कम बने हुए हैं। लेकिन जैसे-जैसे यह एक्स्ट्रा लिक्विडिटी कम होगी, फाइनेंशियल कंडीशंस सख्त होती जाएंगी। अगर RBI ने भी इसी समय रेट बढ़ा दिए, तो इसका असर कॉरपोरेट एक्सपेंशन और घरेलू खर्च पर बुरा पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए संकेत

अगले कुछ क्वार्टर यह तय करेंगे कि भारतीय इकोनॉमी बिना सरकारी स्टिमुलस के कितनी सक्षम है। निवेशकों को इन्फ्लेशन ट्रेंड, क्रेडिट ग्रोथ और बढ़ती उधारी लागत के बीच कंजम्पशन का डेटा ट्रैक करना चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.