Banking System Liquidity: रिकॉर्ड **₹11.16 लाख करोड़** की लिक्विडिटी, बैंकों ने शॉर्ट-टर्म में पैसा रखने को दी प्राथमिकता

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AuthorNeha Patil|Published at:
Banking System Liquidity: रिकॉर्ड **₹11.16 लाख करोड़** की लिक्विडिटी, बैंकों ने शॉर्ट-टर्म में पैसा रखने को दी प्राथमिकता

भारतीय बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी का स्तर रिकॉर्ड **₹11.16 लाख करोड़** के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। RBI की स्पेशल फॉरेक्स स्वैप सुविधा के कारण आए भारी विदेशी फंड के चलते बैंक फिलहाल लंबी अवधि के बजाय ओवरनाइट फंड पार्किंग पर ज्यादा जोर दे रहे हैं।

भारी भरकम लिक्विडिटी का गणित

सितंबर 2026 की शुरुआत में भारतीय बैंकिंग सिस्टम में नकदी का अंबार लग गया है। यह लिक्विडिटी सरप्लस ₹11.16 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। इसके पीछे मुख्य वजह RBI की स्पेशल FCNR(B) डिपॉजिट और फॉरेक्स स्वैप सुविधा है, जिसके जरिए लगभग $136 अरब की विदेशी मुद्रा का प्रवाह हुआ है।

बैंकों की सतर्क रणनीति

इतनी ज्यादा नकदी होने के बावजूद बैंक काफी सतर्क रुख अपना रहे हैं। हालिया 'Variable Rate Reverse Repo' (VRRR) नीलामियों में बैंकों ने 30-दिन की अवधि के बजाय 'ओवरनाइट' (एक दिन के लिए) पैसा जमा करने को प्राथमिकता दी है। तिमाही का अंत करीब होने के कारण ट्रेजरी मैनेजर्स अपना फंड ब्लॉक नहीं करना चाहते, ताकि अचानक लोन डिमांड बढ़ने पर उनके पास नकदी मौजूद रहे। फिलहाल, लिक्विडिटी एब्जॉर्प्शन के लिए वेटेड एवरेज रेट 5.24% पर स्थिर बना हुआ है।

रिस्क और चुनौतियां

बाजार के जानकारों का मानना है कि इतनी ज्यादा लिक्विडिटी शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों को बिगाड़ सकती है और महंगाई का खतरा बढ़ा सकती है। इसके अलावा, बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर भी दबाव साफ दिख रहा है। लॉन्ग टर्म में RBI को करेंसी हेजिंग और इंटरेस्ट रेट डिफरेंशियल के कारण $10 अरब से ज्यादा की लागत का सामना करना पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए अहम तारीख

मार्केट की नजर 11 सितंबर पर टिकी है, जो बैंकों के लिए स्वैप पूरा करने की आखिरी विंडो है। अगर इसके बाद भी लिक्विडिटी का यह दबाव बना रहता है, तो RBI इसे कंट्रोल करने के लिए 'Incremental Cash Reserve Ratio' (I-CRR) या मार्केट स्टेबलाइजेशन बिल्स जैसे सख्त कदम उठा सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.