RBI Repo Rate Hike: महंगाई का डबल अटैक! रिटेल इंफ्लेशन **5.6%** पर, RBI ने बढ़ाए ब्याज दरें

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
RBI Repo Rate Hike: महंगाई का डबल अटैक! रिटेल इंफ्लेशन **5.6%** पर, RBI ने बढ़ाए ब्याज दरें

देश में महंगाई का पारा 23 महीने के हाई लेवल **5.6%** पर पहुंच गया है, जिसके चलते रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट्स** का इजाफा करते हुए इसे **5.50%** कर दिया है।

भारत में महंगाई की आग तेज हो गई है। सितंबर 2026 में रिटेल इंफ्लेशन 23 महीने के उच्चतम स्तर 5.6% पर जा पहुंची है। इस बढ़ते दबाव को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 7 अक्टूबर को बड़ा कदम उठाते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे यह दर 5.50% हो गई है। लगभग 4 साल में यह पहली बार है जब RBI ने दरों में इजाफा किया है।

महंगाई की मुख्य वजहें

इस महंगाई के पीछे सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दाम हैं, खासकर दाल, अनाज और प्याज की कीमतों में तेजी। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल $100 प्रति बैरल के पार निकल चुका है, जिससे एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन की लागत भी बढ़ गई है। साथ ही, कम मॉनसून बारिश और 'अल नीनो' के असर ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिससे सब्जियों के दाम में काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

आपके लोन पर क्या असर होगा?

RBI के इस फैसले का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ने की पूरी संभावना है। बैंकों के लिए फंड की लागत बढ़ गई है, जिसे वे ग्राहकों पर ट्रांसफर करेंगे। कॉरपोरेट जगत के लिए भी कर्ज महंगा होगा, जिससे उनकी बैलेंस शीट और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।

विशेष रूप से रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर में मांग सुस्त होने का खतरा है क्योंकि ब्याज दरें बढ़ने पर कंज्यूमर सेंटीमेंट गिर जाता है। वहीं, बैंकिंग सेक्टर के लिए यह एक मिला-जुला संकेत है, जहां एक तरफ मार्जिन बढ़ने की उम्मीद है तो दूसरी तरफ लोन की ग्रोथ धीमी होने का रिस्क भी है।

'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' का दौर

RBI का 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' का रुख साफ करता है कि सस्ते कर्ज का दौर फिलहाल के लिए खत्म हो गया है। सेंट्रल बैंक का मुख्य लक्ष्य अब विकास से ज्यादा 'प्राइस स्टेबिलिटी' पर फोकस करना है। आने वाले समय में ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल तनाव और क्रूड ऑयल की चाल निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि ये सीधे तौर पर महंगाई और RBI के अगले फैसलों को प्रभावित करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.