Income Tax Department ने SAKSHAM NUDGE पहल की शुरुआत की है। विभाग ने 12,000 टैक्स प्रोफेशनल्स को **21 अक्टूबर** की डेडलाइन से पहले पेंडिंग ऑडिट रिपोर्ट्स जमा करने को कहा है, ताकि आखिरी समय में पोर्टल पर दबाव न बने।
इनकम टैक्स विभाग ने असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए अपनी कंप्लायंस गतिविधियों को तेज कर दिया है। विभाग ने 'SAKSHAM NUDGE' नाम से एक खास मुहिम छेड़ी है, जिसके तहत देशभर के करीब 12,000 टैक्स प्रोफेशनल्स से संपर्क किया गया है। इनका मकसद फॉर्म 3CD जैसी जरूरी ऑडिट रिपोर्ट्स की फाइलिंग को रफ्तार देना है।\n\n### किन पर है विभाग की नजर?\n\nयह पहल उन प्रोफेशनल्स पर केंद्रित है, जिन्होंने पिछले फाइनेंशियल ईयर की तुलना में अब तक 50% से भी कम ऑडिट रिपोर्ट्स फाइल की हैं। विभाग चाहता है कि प्रोफेशनल्स समय रहते काम पूरा करें ताकि डेडलाइन के आखिरी दिनों में सिस्टम पर कोई तकनीकी बोझ या दबाव न पड़े।\n\n### अब तक का स्टेटस\n\nऑडिट फाइलिंग की ओरिजिनल डेडलाइन 30 सितंबर, 2026 थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 21 अक्टूबर, 2026 कर दिया गया था। राहत की बात यह है कि अब तक 19.5 लाख से ज्यादा ऑडिट रिपोर्ट्स सफलतापूर्वक प्रोसेस की जा चुकी हैं।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है मायने?\n\nयह कदम डिजिटल कंप्लायंस और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में पारदर्शिता लाने की एक कोशिश है। कॉरपोरेट गवर्नेंस के नजरिए से यह काफी महत्वपूर्ण है। आगे चलकर, ऑडिट फाइलिंग की डेडलाइन खत्म होते ही सारा ध्यान इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग पर शिफ्ट हो जाएगा, जिसकी आखिरी तारीख 21 नवंबर, 2026 तय की गई है। निवेशकों को इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की फाइलिंग देरी से होने वाले पेनल्टी रिस्क से बचा जा सके।
