ITAT Chennai Ruling: नॉन-फाइलर्स के लिए बड़ी राहत, अब कुल कमाई पर नहीं लगेगा 100% टैक्स

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ITAT Chennai Ruling: नॉन-फाइलर्स के लिए बड़ी राहत, अब कुल कमाई पर नहीं लगेगा 100% टैक्स

ITAT Chennai ने एक अहम फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि टैक्स रिटर्न न भरने पर अधिकारी पूरी 'ग्रॉस रिसीट्स' को नेट टैक्सेबल इनकम नहीं मान सकते। एक डॉक्टर के मामले में ट्रिब्यूनल ने इसे घटाकर **50%** कर दिया है।

चेन्नई स्थित इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल (ITAT) ने उन प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा फैसला दिया है जिन्होंने अपना टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है। मामला असेसमेंट ईयर 2018-19 का है, जिसमें एक डॉक्टर ने रिटर्न दाखिल नहीं किया था।

क्या था पूरा मामला?

असेसिंग ऑफिसर (Assessing Officer) ने बहुत सख्त रुख अपनाते हुए डॉक्टर की ₹35.01 लाख की पूरी ग्रॉस रिसीट्स को ही नेट टैक्सेबल इनकम मान लिया था। ट्रिब्यूनल ने इस फैसले को तार्किक रूप से गलत बताया। कोर्ट का कहना है कि किसी भी प्रोफेशनल प्रैक्टिस में बिजनेस खर्चे होते हैं, इसलिए 100% कमाई को प्रॉफिट मानना अन्यायपूर्ण है।

ट्रिब्यूनल ने क्या कहा?

ट्रिब्यूनल ने Section 44ADA के सिद्धांतों का हवाला देते हुए टैक्सेबल इनकम को ग्रॉस रिसीट्स के 50% पर सीमित कर दिया। यह एक 'रीज़नेबल एस्टीमेट' (उचित अनुमान) है ताकि बेस्ट-जजमेंट असेसमेंट के नाम पर टैक्सपेयर्स पर भारी बोझ न पड़े।

चेतावनी भी जरूरी

हालांकि, यह फैसला उन लोगों के लिए कोई 'लूपहोल' नहीं है जो रिटर्न फाइल करने से बचना चाहते हैं। ट्रिब्यूनल ने जोर देकर कहा कि कानून के तहत रिटर्न समय पर फाइल करना अनिवार्य है। जो प्रोफेशनल्स रिटर्न नहीं भरते, वे कानूनी पचड़ों और लंबी कानूनी लड़ाई के जोखिम को खुद बुलावा देते हैं। यह फैसला केवल यह सुनिश्चित करता है कि टैक्स हमेशा 'नेट प्रॉफिट' पर लगे, न कि 'ग्रॉस रेवेन्यू' पर। अंत में, लंबी कानूनी लड़ाई से बचने का सबसे अच्छा तरीका समय पर रिटर्न फाइल करना ही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.