वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को फाइनेंस सेक्टर के लिए 'दोधारी तलवार' बताया है। उन्होंने इनोवेशन और रिस्क मैनेजमेंट के बीच संतुलन पर जोर दिया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के दौरान कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक तरफ तो फ्रॉड डिटेक्शन में मदद कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह साइबर हमलों और एल्गोरिदम के गलत इस्तेमाल के लिए नए रास्ते भी खोल रहा है। सरकार का रुख साफ है—इकोसिस्टम में 'सॉफ्ट-टच' रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई जाएगी ताकि इनोवेशन की रफ्तार कम न हो, लेकिन सिस्टम की सुरक्षा पर कोई समझौता न हो।
RBI का बड़ा कदम: Unified Fintech Forum को मिली मान्यता
इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण डेवलपमेंट RBI द्वारा Unified Fintech Forum को 'सेल्फ-रेगुलेटरी ऑर्गेनाइजेशन' (SRO) के रूप में दी गई मान्यता है। अब फिनटेक कंपनियां खुद अपने लिए आचार संहिता तय करेंगी। इससे रेगुलेटर के सीधे दखल के बजाय इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स खुद डे-टू-डे कंप्लायंस (Compliance) को बेहतर ढंग से मैनेज कर पाएंगे।
निवेशकों और कंपनियों के लिए क्या हैं मायने?
जो कंपनियां क्रेडिट अंडरराइटिंग और पेमेंट प्रोसेसिंग में AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें अब अपनी सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर ज्यादा ध्यान देना होगा। छोटे प्लेयर्स के लिए कंप्लायंस का खर्च बढ़ सकता है, लेकिन बड़े और मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले प्लेयर्स के लिए यह लॉन्ग-टर्म में बड़ी राहत साबित हो सकता है। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि Unified Fintech Forum अपनी शुरुआती गाइडलाइंस कैसे तैयार करता है और कंपनियां अपने AI मॉडल्स को इन नए सुरक्षा मानकों के साथ कैसे ढालती हैं।
