EPFO ने शुरू किया एनरोलमेंट कैंपेन: कंपनियां **31 अक्टूबर** तक सुधार सकती हैं पुरानी PF गलतियां

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AuthorAditya Rao|Published at:
EPFO ने शुरू किया एनरोलमेंट कैंपेन: कंपनियां **31 अक्टूबर** तक सुधार सकती हैं पुरानी PF गलतियां

EPFO ने EEC 2026 अभियान लॉन्च किया है, जिससे कंपनियां **2009 से 2026** के बीच छूटे हुए कर्मचारियों का PF कवरेज रेगुलराइज कर सकती हैं। एम्प्लॉयर्स के पास **31 अक्टूबर 2026** तक का समय है।

पुराने रिकॉर्ड सुधारने का मौका

EPFO ने ऐतिहासिक गलतियों को ठीक करने के लिए एक व्यवस्थित मौका दिया है। 'Employees’ Enrolment Campaign (EEC) 2026' के तहत, कंपनियां उन कर्मचारियों को रजिस्टर कर सकती हैं जो 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच PF के दायरे में आते थे, लेकिन उस समय छूट गए थे। इसके लिए 31 अक्टूबर 2026 तक की डेडलाइन तय की गई है।

क्या है स्कीम की शर्तें?

यह स्कीम कर्ज माफी का प्रोग्राम नहीं है। EPFO एम्प्लॉई के हिस्से के कंट्रीब्यूशन पर वेवर (छूट) दे रहा है, बशर्ते वह पैसा पहले कर्मचारियों की सैलरी से नहीं काटा गया हो। हालांकि, एम्प्लॉयर को अपना हिस्सा, उस पर ब्याज और एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज पूरी तरह जमा करना होगा। यदि कंपनी ने पहले ही कर्मचारियों से पैसे काट लिए थे लेकिन जमा नहीं किए, तो उन्हें कोई राहत नहीं मिलेगी।

अन्य पहल और सख्त नियम

EPFO ने दो और स्कीम्स भी शुरू की हैं:

  1. VISHWAS 2026: इसके जरिए कंपनियां सेक्शन 14B के तहत पेंडिंग विवाद और जुर्माने सेटल कर सकती हैं।
  2. AMNESTY 2026: यह उन प्राइवेट या एग्जम्प्टेड PF ट्रस्टों के लिए है जो अपनी कानूनी स्थिति को दुरुस्त करना चाहते हैं।

निवेशकों के लिए संकेत

EPFO अब GST और TDS डेटा के जरिए कंपनियों के रिकॉर्ड्स की क्रॉस-चेकिंग कर रहा है, जिससे भविष्य में सख्ती बढ़ सकती है। जो कंपनियां अनुपालन में कमजोर हैं, उन्हें आने वाले समय में वित्तीय दंड का सामना करना पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की अगली तिमाही रिपोर्ट्स पर नजर रखें, ताकि यह पता चल सके कि इन अनुपालन उपायों से उनके मुनाफे पर कितना असर पड़ेगा या क्या गवर्नेंस मानकों में सुधार हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.