Tata Power-DDL: नमो भारत कॉरिडोर के लिए बिछाएगी नई राह, पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर शिफ्ट करने का बड़ा प्रोजेक्ट

RAILWAY
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Tata Power-DDL: नमो भारत कॉरिडोर के लिए बिछाएगी नई राह, पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर शिफ्ट करने का बड़ा प्रोजेक्ट

Tata Power-DDL ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर के लिए NCRTC के साथ हाथ मिलाया है। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी 38 हाई-वोल्टेज लाइनों को शिफ्ट करेगी ताकि रैपिड रेल का निर्माण बिना किसी बाधा के हो सके।

बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी

Tata Power Delhi Distribution Ltd (TPDDL) अब 136.3 किलोमीटर लंबे नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण में अहम भूमिका निभाने जा रही है। कंपनी को कुल 38 एक्स्ट्रा-हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों को शिफ्ट करना होगा, जिनकी क्षमता 66 kV से लेकर 765 kV तक है। यह काम रैपिड रेल सिस्टम के सिविल कंस्ट्रक्शन को आसान बनाने के लिए किया जा रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

TPDDL, जो Tata Power और दिल्ली सरकार का एक जॉइंट वेंचर है, उत्तर दिल्ली में लगभग 90 लाख ग्राहकों को बिजली मुहैया कराता है। इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स कंपनी को कोई बहुत बड़ा मुनाफा तो नहीं देते, लेकिन ये एक स्थिर और रेगुलेटेड रेवेन्यू मॉडल तैयार करते हैं, जो कंपनी की लॉन्ग-टर्म ऑपरेशनल स्टेबिलिटी के लिए जरूरी है।

टाइमलाइन और चुनौतियां

यह पूरा काम एक साल के भीतर पूरा किया जाना है, क्योंकि इसी पर कॉरिडोर के 21 स्टेशनों का निर्माण टिका हुआ है। यह कॉरिडोर भविष्य में 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली ट्रेनों को सपोर्ट करेगा। इस काम को सफल बनाने के लिए TPDDL को BSES, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और Power Grid जैसी बड़ी संस्थाओं के साथ तालमेल बिठाना होगा। जानकारों का कहना है कि प्रोजेक्ट में देरी न हो, इस पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.