Indian Railways: गुजरात में लॉजिस्टिक्स की नई रफ्तार, 4 नए 'गति शक्ति' कार्गो टर्मिनल हुए शुरू

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Railways: गुजरात में लॉजिस्टिक्स की नई रफ्तार, 4 नए 'गति शक्ति' कार्गो टर्मिनल हुए शुरू

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 15 सितंबर, 2026 को गुजरात में चार 'गति शक्ति' कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन करने जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क मार्ग से माल ढुलाई को रेल पर शिफ्ट कर लॉजिस्टिक्स खर्च को कम करना है, जिसके लिए अब तक **₹10,000 करोड़** से ज्यादा का प्राइवेट इन्वेस्टमेंट जुट चुका है।

बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव गुजरात के भीमासर, देवलिया, चंडीसर और शिवलखा में नए कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, मेहसाणा के लिंच में पांचवें टर्मिनल की आधारशिला रखी जाएगी। यह कदम निजी बुनियादी ढांचे को सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने की एक बड़ी रणनीति है।

क्यों है यह इतना महत्वपूर्ण?

इस नीति का मुख्य उद्देश्य भारी सामान (जैसे स्टील, सीमेंट और कोयला) की ढुलाई को आसान बनाना है। सड़क के मुकाबले रेल मार्ग से माल भेजने पर लॉजिस्टिक्स की लागत काफी कम आती है। अब तक देश भर में 140 से ज्यादा टर्मिनल शुरू किए जा चुके हैं।

आंकड़ों की जुबानी (Impact Analysis)

इस नीति ने निजी क्षेत्र को भारी आकर्षित किया है, जिससे अब तक करीब ₹10,000 करोड़ का निवेश आया है। इतना ही नहीं, वित्त वर्ष 2024-25 में GCT ट्रैफिक से होने वाली फ्रेट रेवेन्यू ₹12,600 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है।

अन्य विकास कार्य

माल ढुलाई के अलावा, रेलवे यात्रियों की सुविधाओं पर भी ध्यान दे रहा है। गोपालपुर रेलवे स्टेशन का उद्घाटन और भुज-शालीमार एक्सप्रेस को अंजार स्टेशन पर स्टॉपेज देने जैसे फैसले स्थानीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे। साथ ही, गांधीधाम में बायपास बनने से इंजन रिवर्सल की समस्या खत्म होगी, जिससे परिचालन क्षमता बढ़ेगी।

हालांकि, इन परियोजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि भूमि अधिग्रहण और राज्य-केंद्र के बीच समन्वय कितनी तेजी से होता है। लंबे समय में, सड़क परिवहन को चुनौती देने के लिए 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' और कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग ही रेलवे की असली चुनौती होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.