Indian Railways ने छत्तीसगढ़ के Rowghat को नेशनल नेटवर्क से जोड़ दिया है। **95 किलोमीटर** लंबे Dalli-Rajhara-Rowghat प्रोजेक्ट के पूरा होने से Bhilai Steel Plant को आयरन ओर की सप्लाई में बड़ी राहत मिलेगी।
8 दशकों का इंतजार खत्म
Indian Railways ने Tadoki और Rowghat के बीच 17.5 किलोमीटर के आखिरी हिस्से को जोड़कर 95 किलोमीटर लंबे Dalli-Rajhara-Rowghat प्रोजेक्ट को मुकम्मल कर लिया है। करीब ₹1,628 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना ने दशकों से रेल संपर्क से कटे इस इलाके को मुख्यधारा से जोड़ दिया है।
स्टील सेक्टर के लिए गेम-चेंजर
निवेशकों के नजरिए से यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। Rowghat आयरन ओर का एक प्रमुख स्रोत है, जो Bhilai Steel Plant के लिए कच्चा माल है। अब तक यहाँ से माल ढुलाई सड़क मार्ग से होती थी, जो महंगी पड़ती थी। रेल संपर्क स्थापित होने से Steel Authority of India (SAIL) के इस प्लांट की लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और सप्लाई चेन की क्षमता में सुधार होगा।
छत्तीसगढ़ में इंफ्रा का विस्तार
यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पुश का हिस्सा है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ में ₹7,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया जा रहा है। इसके अलावा, Abhanpur-Kurud ब्रॉड-गेज लाइन और रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी की नींव भी रखी गई है।
नए रेल रूट पर Rowghat-Raipur और Raipur-Kurud के बीच दो नई पैसेंजर सर्विस भी शुरू की गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए कनेक्टिविटी आसान होगी। अब मार्केट की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कितनी तेजी से इस कॉरिडोर पर कार्गो वॉल्यूम बढ़ता है और इसका सीधा असर स्टील कंपनियों के मार्जिन पर कैसे दिखता है।
