Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट पर **10.847 किमी** लंबी 'एस्केप टनल 1' का काम पूरा कर लिया है। यह प्रोजेक्ट अब **78%** पूरा हो चुका है, जो कंपनी के **₹934.92 अरब** के विशाल ऑर्डर बुक को और मजबूती देता है, हालांकि हिमालयी इलाकों की कठिन भौगोलिक स्थिति अभी भी निवेशकों के लिए एक चुनौती बनी हुई है।
प्रोजेक्ट का स्टेटस और रफ्तार
Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) ने 125 किलोमीटर लंबे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने 10.847 किलोमीटर लंबी 'एस्केप टनल 1' का काम पूरा कर लिया है। यह इस पूरे प्रोजेक्ट की 41वीं टनल है, जिसे उत्तराखंड के चार धाम यात्रा मार्ग को हर मौसम के लिए सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए बनाया जा रहा है।
फिलहाल, प्रोजेक्ट 78% पूरा हो चुका है और इसे दिसंबर 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हिमालय की अस्थिर चट्टानों और भूकंपीय जोन की मुश्किलों से निपटने के लिए इंजीनियर्स ने 8 ऑपरेशनल एडिट्स का इस्तेमाल किया है, जिससे खुदाई की रफ्तार बनी हुई है।
फाइनेंशियल हेल्थ और निवेशकों के लिए संकेत
जून 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹934.92 अरब के स्तर पर है। हालिया तिमाही (Q1 FY26-27) के नतीजों में कंपनी ने 18.5% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹159.36 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। प्रॉफिट मार्जिन में सुधार के संकेतों ने एनालिस्ट्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है, हालांकि इन्फ्रा सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और लागत का दबाव अब भी बना हुआ है।
चुनौतियां और भविष्य की राह
हिमालयी क्षेत्र में काम करना अपने आप में बड़ा जोखिम है। किसी भी भूगर्भीय बदलाव (geological shifts) के कारण काम में देरी या लागत बढ़ने का खतरा हमेशा बना रहता है। अब तक टनल का 97% काम पूरा हो चुका है, जिसके बाद कंपनी का पूरा ध्यान ट्रैक बिछाने और पुल निर्माण पर होगा। निवेशकों के लिए कंपनी की एग्जीक्यूशन स्पीड और नए ऑर्डर्स पर नजर रखना आने वाले समय में बहुत जरूरी होगा।
