पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑन रेलवेज ने साल 2026-27 के लिए 21-पॉइंट एजेंडा तैयार किया है। इसमें सुरक्षा और 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर के काम को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया है।
रेल मंत्रालय के लिए अब आने वाला समय 'सख्ती' वाला होगा। पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी स्क्रूटनी प्रक्रिया तेज कर दी है। फोकस मुख्य रूप से यात्री सुरक्षा और ₹16 लाख करोड़ के उस बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर पर है, जिसके तहत देश में करीब 4,000 किलोमीटर लंबे 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने की योजना है। कमेटी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पैसा सिर्फ कागजों पर खर्च न हो, बल्कि काम समय पर और बिना किसी लागत बढ़ोतरी के पूरा हो।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
भारतीय रेलवे सेक्टर में अभी सरकारी खर्च ही ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन है। रेल से जुड़ी दिग्गज कंपनियां जैसे Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL), IRCON International, और RailTel के अलावा Titagarh Rail Systems और Jupiter Wagons जैसी कंपनियां टेंडर्स और प्रोजेक्ट क्लीयरेंस पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कमेटी की सख्त निगरानी से प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता तो आएगी, लेकिन कभी-कभी प्रशासनिक मंजूरी की रफ्तार धीमी हो सकती है।
जमीन का मुद्रीकरण (Land Monetization) और चुनौतियां
कमेटी ने रेलवे की खाली पड़ी जमीनों को कमर्शियल तौर पर इस्तेमाल करने और स्टेशन डेवलपमेंट पर भी जोर दिया है। यह रेलवे के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन सकता है, लेकिन इसमें राज्य सरकारों और प्राइवेट डेवलपर्स के साथ तालमेल बिठाना एक बड़ी चुनौती है। पहले भी ऐसे प्रोजेक्ट्स जमीन से जुड़े नियमों के चलते फंसते रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कमेटी की निगरानी से ये रुकावटें दूर होंगी या रेगुलेटरी अड़चनें और बढ़ेंगी।
सुरक्षा और मॉर्डनाइजेशन
सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक मेंटेनेंस के अपग्रेडेशन का काम चलता रहेगा, जिससे सेफ्टी इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों को ऑर्डर मिलते रहेंगे। हालांकि, अगर ऑडिट के दौरान किसी सिस्टम में खामी पाई गई, तो सरकार कुछ प्रोग्राम्स को अस्थायी रूप से रोक भी सकती है। शेयरहोल्डर्स के लिए सबसे बड़ा 'वॉच-लिस्ट' पॉइंट यह है कि फंड्स का इस्तेमाल और कॉन्ट्रैक्ट अवार्ड्स की रफ्तार क्या रहती है। प्रोजेक्ट्स में देरी होने पर सख्त समीक्षा की चेतावनी भी दी गई है, जो सीधे तौर पर इन कंपनियों के ऑर्डर बुक और मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।
