Northern Railway ने **111 किलोमीटर** लंबे कटरा-बनिहाल सेक्शन पर ट्रेनों की अधिकतम गति बढ़ाकर **100 किमी/घंटा** कर दी है। Vande Bharat के सफल ट्रायल के बाद उठाया गया यह कदम कश्मीर घाटी में कनेक्टिविटी को मजबूती देगा।
रफ्तार में इजाफा, कनेक्टिविटी में सुधार
Indian Railways के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। अब तक इस रूट पर ट्रेनें 75 किमी/घंटा और 85 किमी/घंटा की सीमित गति से चल रही थीं, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 100 किमी/घंटा कर दिया गया है। यह फैसला Udhampur-Srinagar-Baramulla Rail Link (USBRL) प्रोजेक्ट के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है।
इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना
इस रेल रूट पर दुनिया का सबसे ऊंचा आर्क ब्रिज यानी Chenab Railway Bridge और भारत का पहला केबल-स्टेयड रेलवे ब्रिज Anji Khad Bridge स्थित है। पीर पंजाल की दुर्गम पहाड़ियों के बीच 33 सुरंगों और दर्जनों पुलों के साथ यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है, जिसका उद्देश्य कश्मीर को हर मौसम में कनेक्टिविटी देना है।
निवेशकों के लिए सबक (Investment Insight)
यह समझना जरूरी है कि Vande Bharat एक ट्रेनसेट प्लेटफॉर्म है और Integral Coach Factory जैसी सरकारी इकाइयों द्वारा निर्मित है, जो सीधे स्टॉक मार्केट में लिस्टेड नहीं हैं। हालांकि, ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स का सफल क्रियान्वयन पूरी रेलवे सप्लाई चेन के लिए एक पॉजिटिव संकेत है। जो कंपनियां रेलवे ट्रैक, सिग्नलिंग और कंस्ट्रक्शन में काम कर रही हैं, उनके लिए यह ऑर्डर बुक और रेवेन्यू ग्रोथ के लिहाज से अच्छे संकेत हैं।
जोखिम और चुनौतियां
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हिमालयी क्षेत्र में काम करना आसान नहीं है। भू-वैज्ञानिक चुनौतियां जैसे भूस्खलन और भूकंपीय जोखिम लागत को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, सेक्टर में अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि कुछ अन्य प्रोजेक्ट्स जैसे Baramulla–Uri लाइन में देरी की खबरें भी हैं। इसलिए, रेलवे इंफ्रा में पैसा लगाने से पहले सरकारी खर्च की प्राथमिकता और कंपनियों की एग्जीक्यूशन क्षमता पर पैनी नजर रखना जरूरी है।
