Indian Railways: अब AI कैमरे से होगी ट्रेनों के चादरों की सफाई की जांच, यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभव

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Railways: अब AI कैमरे से होगी ट्रेनों के चादरों की सफाई की जांच, यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभव

भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने यात्रियों के सफर को और आरामदायक बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब ट्रेनों में इस्तेमाल होने वाली चादरों और कंबल की सफाई की जांच के लिए AI- पावर्ड कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

Detailed Coverage

AI कैमरों से होगी चादरों की सफाई की जांच

भारतीय रेलवे (Indian Railways) यात्रियों के लिए अपनी सेवाओं में सुधार के लिए लगातार नए तरीके अपना रहा है। इसी कड़ी में, रेलवे ने अब ट्रेनों में इस्तेमाल होने वाले चादरों और कंबल की सफाई की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए AI-पावर्ड कैमरा सिस्टम का परीक्षण शुरू किया है। यह पायलट प्रोजेक्ट (pilot project) चुनिंदा डिवीजनों में लागू किया गया है, जिसका मकसद सफाई मानकों को स्वचालित (automate) करना और यात्रियों को स्वच्छ बिस्तर प्रदान करना है।

कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

यह नई तकनीक धुले हुए चादरों और कंबल पर लगे दाग-धब्बों का पता लगाने और उनकी स्वच्छता मानकों को सत्यापित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ट्रेनों में लोड होने से पहले सभी बिस्तर सख्त सफाई प्रोटोकॉल (protocols) को पूरा करते हों। इस स्वचालित निगरानी (automated monitoring) का उद्देश्य मानवीय त्रुटि को कम करना और सेवा मानकों में सुधार करना है।

किन डिवीजनों में हो रहा है परीक्षण?

फिलहाल, यह पायलट प्रोग्राम सेंट्रल रेलवे के पुणे डिवीजन और नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के जयपुर और जोधपुर डिवीजनों में चालू है। AI-आधारित विजुअल इंस्पेक्शन (visual inspection) के अलावा, रेलवे धुलाई प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता को मापने के लिए 'व्हिटो-मीटर' (Whito-meters) नामक उपकरणों का भी उपयोग कर रहा है। इसके साथ ही, लॉन्ड्री सुविधाओं के अंदर CCTV कैमरे लगाए गए हैं ताकि काम की प्रक्रिया की निगरानी की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि सफाई प्रक्रियाओं का लगातार पालन किया जा रहा है।

यात्री फीडबैक और रेलवे मंत्री की राय

यह कदम यात्रियों द्वारा ऊनी कंबल और अन्य बिस्तरों की धुलाई की आवृत्ति (frequency) को लेकर की गई चिंताओं और फीडबैक के बाद उठाया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि AC क्लास के स्टैंडर्ड बेडरोल किट में दो चादरें, एक तकिया कवर और एक तौलिया शामिल होता है। स्वच्छता बनाए रखने के लिए, विभाग को यह सुनिश्चित करना होता है कि कंबल को कवर करने वाली चादर हर ट्रिप के बाद धोई जाए।

भविष्य की योजनाएं और निवेश

यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के प्रयास के तहत, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे ने सभी AC क्लास यात्रियों के लिए कंबल कवर शीट की सुविधा बढ़ा दी है। यही मानक नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों (Vande Bharat Sleeper trains) के लिए भी अपनाया गया है। भविष्य में, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या AI-संचालित निरीक्षण को राष्ट्रीय नेटवर्क में स्वच्छता को मानकीकृत (standardize) करने के लिए अधिक रेलवे ज़ोन में विस्तारित किया जा सकता है। निवेशक और विश्लेषक अक्सर ऐसी पहलों पर नज़र रखते हैं क्योंकि ये राज्य-संचालित रेलवे प्रणाली के आधुनिकीकरण (modernization) और परिचालन दक्षता (operational efficiency) की दिशा में एक बड़े कदम को दर्शाती हैं, जो वर्तमान में बुनियादी ढांचे और सेवा उन्नयन के लिए महत्वपूर्ण पूंजीगत व्यय (capital spending) से गुजर रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.