10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली लगभग **38 से 45** ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। राजधानी में होने वाले राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के चलते यह बड़ा फैसला लिया गया है, जिसका असर रेलवे से जुड़ी लिस्टेड कंपनियों पर पड़ सकता है।
बड़े पैमाने पर ट्रेनों का रद्दीकरण
10 अक्टूबर 2026 को सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच दिल्ली पहुंचने वाली ट्रेनों पर इसका सीधा असर पड़ा है। जिन ट्रेनों ने 9 अक्टूबर को दोपहर 2:00 बजे के बाद सफर शुरू किया था, उन्हें अब रद्द या री-शेड्यूल किया गया है। इसमें राजधानी और संपर्क क्रांति जैसी प्रमुख ट्रेनें भी शामिल हैं।
विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक कारण
रेलवे अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इसके पीछे दिल्ली में ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नियोजित प्रदर्शन के चलते भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। इससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेल सेक्टर के शेयरों पर क्या होगा असर?
हालांकि Indian Railways खुद शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, लेकिन इसका सीधा असर सरकारी रेल कंपनियों पर पड़ता है:
- IRCTC: कैटरिंग और टिकट बुकिंग से होने वाले रेवेन्यू में तत्काल कमी आ सकती है, साथ ही रिफंड और पैसेंजर मैनेजमेंट का बोझ बढ़ेगा।
- IRFC और RVNL: भले ही ये शॉर्ट-टर्म झटके हों, लेकिन निवेशकों की नजर बनी हुई है कि इस तरह की ऑपरेशनल बाधाएं कंपनी की कार्यक्षमता पर कितना असर डालती हैं।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं अल्पकालिक हैं और लॉन्ग-टर्म निवेशक रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और सरकारी खर्च पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी ट्रेन का स्टेटस रेलवे पोर्टल पर तुरंत चेक करें।
