Indian Railways ने Udhna-Ukai Songadh सेक्शन पर **₹133.23 करोड़** की लागत से चार-लेन वाले Road Over Bridge (ROB) को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट का आधा खर्च राज्य सरकार उठाएगी, जिसका मुख्य मकसद ट्रैफिक जाम को खत्म कर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाना है।
बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार
Indian Railways के वेस्टर्न रेलवे ज़ोन में यह नया चार-लेन का रोड ओवर ब्रिज बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को रेलवे मिनिस्ट्री और राज्य सरकार के बीच 50:50 की साझेदारी में फंड किया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा माल ढुलाई (freight movement) और पैसेंजर ट्रेनों की आवाजाही को मिलेगा, क्योंकि लेवल क्रॉसिंग हटने से ट्रेनों को रुकना नहीं पड़ेगा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इन्वेस्टर्स के नजरिए से देखें, तो यह रेलवे की नेटवर्क थ्रूपुट सुधारने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। लेवल क्रॉसिंग अक्सर बॉटलनेक (bottlenecks) का काम करती हैं, जिससे ट्रेनों का टर्नअराउंड टाइम बढ़ जाता है। इस पुल के निर्माण से हाई-डेंसिटी कॉरिडोर पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे एसेट यूटिलाइजेशन बेहतर होगा।
PM Gati Shakti का असर
यह कदम PM Gati Shakti नेशनल मास्टर प्लान के तहत उठाया गया है, जिसका लक्ष्य मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। हाल ही में सरकार ने ₹10,783 करोड़ के तीन बड़े मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी है, जिससे 656 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी।
जोखिम और चुनौतियां
इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए यह प्रोजेक्ट एक अच्छी खबर है, लेकिन निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। भारत में अक्सर लैंड एक्विजिशन (land acquisition) और साइट से जुड़ी दिक्कतों के कारण प्रोजेक्ट्स में देरी होती है, जिससे लागत भी बढ़ सकती है। इसलिए, समय-समय पर प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस ट्रैक करना बहुत जरूरी है।
