भारतीय रेलवे ने मुरादाबाद डिवीजन में अत्याधुनिक 'कवच 4.0' (Kavach 4.0) सुरक्षा प्रणाली लगाने के लिए **₹170 करोड़** की मंजूरी दी है। यह प्रोजेक्ट **712 किलोमीटर** के रूट को कवर करेगा, जिससे ट्रेनों की टक्कर रोकने की क्षमता मजबूत होगी।
सुरक्षा का नया कवच
'कवच 4.0' एक स्वदेशी तकनीक है, जिसे ट्रेन में किसी भी संभावित टक्कर या सिग्नल जंपिंग (SPAD) को ऑटोमैटिक तरीके से रोकने के लिए तैयार किया गया है। मुरादाबाद डिवीजन में होने वाला यह काम देश भर में रेल सुरक्षा को आधुनिक बनाने के बड़े मिशन का हिस्सा है। 31 जुलाई 2026 तक, यह सिस्टम पहले ही 2,633 किलोमीटर के रूट पर काम कर रहा है, जिसमें दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे मुख्य कॉरिडोर शामिल हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च
यह आवंटन भारतीय रेलवे के विशाल कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) का एक हिस्सा है। 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के लिए रेलवे का कुल बजट ₹2,93,030 करोड़ रखा गया है, जिसमें से जुलाई तक ₹1,14,973 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। इस आक्रामक निवेश से सिग्नलिंग उपकरण बनाने वाली कंपनियों, ऑप्टिकल फाइबर केबल और टेलीकॉम टावर सेक्टर में डिमांड तेजी से बढ़ रही है।
चुनौतियां और जोखिम
फंडिंग के बावजूद, ग्राउंड लेवल पर काम करना चुनौतीपूर्ण है। वर्तमान में 21,794 किलोमीटर के रूट पर इंफ्रास्ट्रक्चर बिछाने का काम चल रहा है। इसके अलावा, 6,200 से ज्यादा मौजूदा इंजनों को 'कवच' के अनुकूल बनाना एक बड़ी ऑपरेशनल चुनौती है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो रहा है और कहीं इसमें लागत (Cost Overrun) तो नहीं बढ़ रही है।
