त्योहारी सीजन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए Indian Railways ने बिहार के लिए अपनी कमर कस ली है। सामान्य दिनों की **12,000** ट्रेनों के मुकाबले इस बार **15,000** ट्रेनें चलाई जाएंगी।
दिवाली और छठ पूजा के दौरान बिहार जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए Indian Railways ने बड़ा प्लान तैयार किया है। East Central Railway जोन 100 से ज्यादा जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाएगा, जो दिल्ली, मुंबई, पंजाब, पुणे और पश्चिम बंगाल जैसे प्रमुख शहरों को बिहार से जोड़ेंगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार
त्योहारी सीजन के अलावा, सरकार लंबी अवधि के विस्तार पर भी काम कर रही है। सीतामढ़ी और अयोध्या के बीच नई Vande Bharat Express को मंजूरी दी गई है। साथ ही, विक्रमशिला-कटारिया प्रोजेक्ट के तहत गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल बनाने का काम भी तेजी पर है। सरकार की योजना मरौढ़ा और मधेपुरा स्थित लोकोमोटिव फैक्ट्रियों की उत्पादन क्षमता को 2028 तक दोगुना करने की है।
निवेशकों के लिए जरूरी सतर्कता (Investor Insights)
हालाँकि Indian Railways खुद एक सरकारी विभाग है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, लेकिन इसके इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का असर IRFC जैसे लिस्टेड फाइनेंसिंग संस्थानों पर पड़ता है। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि गया-डोभी-छत्र इंडस्ट्रियल क्लस्टर जैसे प्रोजेक्ट्स जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) पर निर्भर हैं। देरी होने पर प्रोजेक्ट्स की लागत बढ़ सकती है, जो एक बड़ा रिस्क है। इसके अलावा, IRFC के डेट-टू-इक्विटी रेशियो और इंटरेस्ट कैपिटलाइजेशन पर नजर रखना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी है।
