मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का काम रफ्तार पकड़ रहा है। सरकार ने साल 2027 के अंत तक कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू करने का लक्ष्य रखा है, जबकि मिड-2027 से टेस्ट रन शुरू हो जाएंगे।
प्रोजेक्ट का नया टाइमलाइन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, भारत की पहली हाई-स्पीड ट्रेन का ट्रायल मई-जून 2027 के बीच शुरू होगा। इसके बाद 2 से 4 महीने का टेस्टिंग फेज चलेगा और फिर इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) अभी 508 किमी लंबे कॉरिडोर के सूरत-बिलिमोरा सेक्शन पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। खास बात यह है कि बुलेट ट्रेन के बॉडी फ्रेम को अब स्वदेशी स्तर पर तैयार किया जा रहा है, जिससे लागत कम करने में मदद मिलेगी, जबकि तकनीक अभी भी जापान की शिंकानसेन (Shinkansen) वाली ही इस्तेमाल हो रही है।
रेलवे स्टॉक्स पर असर
निवेशकों के लिए यह प्रोजेक्ट रेलवे सेक्टर की बड़ी ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा है। रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL), इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स जैसे स्टॉक्स के लिए यह बड़ी खबर है। यूनियन बजट 2026 में ₹16 लाख करोड़ के कुल आउटले के साथ 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव दिया गया है, जो इन कंपनियों के ऑर्डर बुक के लिए एक मजबूत संकेत है।
जोखिम और चुनौतियां
हालांकि टाइमलाइन साफ है, लेकिन निवेशकों को सावधानी भी बरतनी चाहिए। इस प्रोजेक्ट को अतीत में कई बार देरी और बजट में बदलाव का सामना करना पड़ा है। यदि 2027 का लक्ष्य चूकता है, तो इससे सरकारी खजाने पर बोझ और वित्तीय अनुशासन को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, शिंकानसेन टेक्नोलॉजी को लागू करने में आने वाली तकनीकी जटिलताएं भी प्रोजेक्ट की गति को प्रभावित कर सकती हैं।
