केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साबरमती में भारत की पहली LNG से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है। यह कदम **₹1,472 करोड़** के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य रेलवे में डीजल की खपत को और घटाना है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन से भारत की पहली LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत की। यह पहल ₹1,472 करोड़ के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है, जो भारतीय रेलवे को पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
डीजल की खपत में बड़ी गिरावट
भारतीय रेलवे पिछले एक दशक से डीजल इंजनों को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने पर जोर दे रही है। इसका असर आंकड़ों में भी साफ दिखता है। फाइनेंशियल ईयर 2015-16 में डीजल की खपत 293 करोड़ लीटर थी, जो 2024-25 तक घटकर लगभग 108 करोड़ लीटर रह गई है। वर्तमान में रेलवे नेटवर्क का 99.6% हिस्सा पहले ही इलेक्ट्रिफिकेशन के दायरे में आ चुका है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
रेलवे में LNG का इस्तेमाल उन रूटों के लिए एक बड़ा विकल्प बन सकता है, जहां इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर बिछाना महंगा या कठिन है। निवेशकों के लिए यह सेक्टर आने वाले समय में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है, विशेषकर गैस डिस्ट्रिब्यूशन और रेल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए। हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार कितनी तेजी से क्रायोजेनिक स्टोरेज और रिफ्यूलिंग नेटवर्क खड़ा कर पाती है।
आने वाले समय में LNG की कीमतों की स्थिरता और डीजल-बिजली के मुकाबले इसकी ऑपरेशनल लागत ही इस ट्रांजिशन की सफलता तय करेगी।
