IRCTC पर इन दिनों चौतरफा दबाव है। एक तरफ यूजर्स ने वेबसाइट के डिजाइन पर सवाल उठाए हैं, तो दूसरी तरफ SEBI नियमों के उल्लंघन के चलते कंपनी पर एक्सचेंज का जुर्माना लगा है।
रेलवे टिकट बुकिंग की दिग्गज कंपनी IRCTC इस समय दो मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रही है। एक ओर जहां ऑपरेशनल और यूजर एक्सपीरियंस (UX) से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं, वहीं दूसरी ओर रेगुलेटरी नियमों के पालन में चूक के चलते कंपनी को आर्थिक दंड भी भरना पड़ा है।
क्या है वेबसाइट विवाद?
हालिया सर्वे में 90,000 यूजर्स ने IRCTC की वेबसाइट और ऐप पर 'डार्क पैटर्न' की शिकायत की है। सर्वे के मुताबिक, करीब 70% यूजर्स को टिकट बुकिंग के दौरान अचानक लॉगआउट (forced logout) जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। साथ ही, जबरन ऐप डाउनलोड करने के नोटिफिकेशन और ट्रेवल इंश्योरेंस का पहले से सिलेक्ट होना (basket sneaking) भी यूजर्स के लिए परेशानी का सबब बना है।
NSE और BSE का एक्शन
रेगुलेटरी फ्रंट पर, IRCTC को 26 अगस्त, 2026 को बड़ा झटका लगा। कंपनी पर NSE और BSE ने ₹10.23 लाख का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना जून 2026 की तिमाही के लिए बोर्ड और कमेटी के कंपोजिशन से जुड़े SEBI नियमों का पालन न करने के कारण लगाया गया है। आमतौर पर सरकारी कंपनियों में स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की नियुक्ति में देरी के कारण ऐसी स्थिति बनती है।
मजबूत फाइनेंशियल आधार
इन सबके बावजूद IRCTC का फाइनेंशियल प्रदर्शन मजबूत है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी ने ₹330.16 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो सालाना आधार पर 18.10% की ग्रोथ दिखाता है। कंपनी का रेवेन्यू ₹1,369.53 करोड़ रहा और यह पूरी तरह से डेट-फ्री है, जिसके पास लगभग ₹3,112 करोड़ का कैश बैलेंस है। भारतीय रेलवे टिकट बुकिंग मार्केट में कंपनी अभी भी 89% हिस्सेदारी के साथ निर्विवाद रूप से लीडर है।
