Railway Expansion: सरकार का बड़ा फैसला, ₹20,804 करोड़ की रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Railway Expansion: सरकार का बड़ा फैसला, ₹20,804 करोड़ की रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी

कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने 9 राज्यों में रेलवे की मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं के लिए **₹20,804 करोड़** के निवेश को हरी झंडी दे दी है। इस योजना का लक्ष्य 2029-30 तक माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाना है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए नए मौके खुलेंगे।

सरकार ने देश में लॉजिस्टिक्स को रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत ₹20,804 करोड़ की लागत से 8 रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की आवाजाही को सुगम बनाना और माल ढुलाई की क्षमता को बढ़ाना है।

दो बड़े क्लस्टर में बंटी योजना

इस फंड को दो हिस्सों में बांटा गया है:

  1. पहला क्लस्टर: ₹10,783 करोड़ का निवेश पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 656 किलोमीटर ट्रैक के विस्तार पर खर्च होगा।
  2. दूसरा क्लस्टर: ₹10,021 करोड़ का निवेश दक्षिण भारत के राज्यों—तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में 540 किलोमीटर रेल विकास के लिए किया जाएगा। कुल मिलाकर, रेल नेटवर्क में 1,196 किलोमीटर की नई लाइनें जुड़ेंगी, जो 2029-30 तक पूरी हो जाएंगी।

निवेशकों के लिए संकेत

इन्फ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए यह बड़ी खबर है। सरकारी खर्च बढ़ने से स्टील, सीमेंट और इंजीनियरिंग कंपनियों को लंबे समय तक ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट्स सरकारी और निजी ठेकेदारों के लिए रेवेन्यू विजिबिलिटी बढ़ाने का काम करेंगे।

रिस्क फैक्टर को न भूलें

हालांकि, इतने बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट्स में कुछ जोखिम भी हैं जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। भूमि अधिग्रहण में देरी, पर्यावरण मंजूरी और महंगाई के कारण लागत में वृद्धि (Cost Overruns) जैसे फैक्टर प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने में अड़चन पैदा कर सकते हैं। कंपनियों का डेट-टू-इक्विटी रेशियो और काम करने की क्षमता ही यह तय करेगी कि उन्हें इस सरकारी खर्च से कितना फायदा मिलता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.