UPI International अब 10 देशों में उपलब्ध है, लेकिन ट्रांजैक्शन पर लगने वाली **1% से 3.5%** तक की हिडन फीस के बारे में जानना जरूरी है। मर्चेंट की सीमित उपलब्धता और नेटवर्क की दिक्कतों के कारण केवल UPI पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।
UPI इंटरनेशनल का दायरा अब भारत से बाहर 10 देशों तक फैल चुका है, जिनमें भूटान, नेपाल, श्रीलंका, सिंगापुर, UAE, फ्रांस, मॉरीशस, कतर, ग्रीस और कंबोडिया शामिल हैं। यह सुविधा भारतीय पर्यटकों के लिए बड़ी राहत की तरह है, लेकिन विदेश यात्रा की प्लानिंग में सिर्फ एक ऐप पर निर्भर रहना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।
कन्वेनिएंस के साथ छिपी लागत
फॉरेन करेंसी कन्वर्जन की लागत किसी भी यात्री के लिए सबसे जरूरी पहलू है। जब आप विदेश में UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो हर ट्रांजैक्शन पर 1% से 3.5% तक का फॉरेन करेंसी मार्कअप शुल्क लगता है। यह शुल्क अक्सर भुगतान के समय स्पष्ट नहीं होता, जैसा कि फॉरेक्स कार्ड्स में पारदर्शी एक्सचेंज रेट्स के साथ होता है। इसलिए, सिर्फ UPI पर भरोसा करने से आपका खर्च फॉरेक्स कार्ड या कम ट्रांजैक्शन फीस वाले क्रेडिट कार्ड की तुलना में अधिक हो सकता है।
यात्रा से पहले की तैयारी
घरेलू UPI की तरह इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन अपने आप काम नहीं करते। आपको यात्रा पर निकलने से पहले अपनी बैंकिंग या UPI ऐप में 'UPI इंटरनेशनल' फीचर को मैनुअली एक्टिवेट करना होगा। साथ ही, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के दिशा-निर्देश इन पर भी लागू होते हैं, इसलिए बड़े ट्रांजैक्शन करते समय नियमों का ध्यान रखें।
जोखिम और विकल्प
व्यावहारिक तौर पर, UPI को प्राथमिक के बजाय एक सप्लीमेंट्री विकल्प के रूप में रखना ही समझदारी है। कई देशों में मर्चेंट की स्वीकार्यता सीमित है, और तकनीकी खराबी या इंटरनेट की समस्या आपको बिना किसी भुगतान विकल्प के छोड़ सकती है। अपनी ट्रिप को तनावमुक्त बनाने के लिए हमेशा फिजिकल क्रेडिट कार्ड या फॉरेक्स कार्ड को एक बैकअप के तौर पर साथ रखें।
