US Stock Apps: विदेशी शेयरों में निवेश करने वाले सावधान! छिपकर बैठा है यह बड़ा खतरा

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AuthorAditya Rao|Published at:
US Stock Apps: विदेशी शेयरों में निवेश करने वाले सावधान! छिपकर बैठा है यह बड़ा खतरा

हाल ही में सामने आए सुरक्षा उल्लंघनों और अनधिकृत ट्रेडों ने भारतीय फिनटेक प्लेटफॉर्म्स के जरिए US Stocks में निवेश की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवेशकों को साइबर खतरों और 'ऑम्निबस अकाउंट' स्ट्रक्चर जैसी पेचीदगियों को समझने की सख्त जरूरत है।

क्या है निवेश का असली खतरा?

हाल ही में Stockal (जिसे अब Borderless के नाम से जाना जाता है) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अनधिकृत ट्रेडिंग और एसेट लिक्विडेशन की खबरें सामने आई हैं। ये ऐप्स Apple या Nvidia जैसे ग्लोबल स्टॉक्स खरीदना आसान तो बनाते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे की जटिलता निवेशकों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

ऑम्निबस अकाउंट और ब्रोकरेज रिस्क

ज्यादातर भारतीय प्लेटफॉर्म सीधे शेयर नहीं रखते, बल्कि वे सिर्फ एक बिचौलिये (Intermediary) की तरह काम करते हैं। यहाँ 'ऑम्निबस अकाउंट' का इस्तेमाल होता है, जहाँ कई ग्राहकों की होल्डिंग्स एक मास्टर अकाउंट में जमा होती हैं। अगर कभी कोई प्लेटफॉर्म वित्तीय संकट में फंसता है, तो आपकी हिस्सेदारी को उस पूल से अलग करना एक कानूनी पहेली बन सकता है।

साइबर सुरक्षा और 2FA की अहमियत

खाता हैक होने की घटनाओं में देखा गया है कि हमलावर ब्लू-चिप स्टॉक्स बेचकर पेनी स्टॉक्स खरीद लेते हैं। सामान्य पासवर्ड सुरक्षा अब नाकाफी है। विशेषज्ञों की सलाह है कि हर हाल में 2FA (Two-Factor Authentication), खासकर टाइम-बेस्ड कोड का इस्तेमाल करें और हर छोटे ट्रांजेक्शन पर नजर रखें।

रेगुलरिटी और सुरक्षा का विकल्प

भारत में मौजूद ऐप अक्सर केवल टेक्नोलॉजी पार्टनर होते हैं, जबकि शेयरों की कस्टडी विदेशी ब्रोकर के पास होती है। इससे भारतीय रेग्युलेटर के लिए कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है। इससे बचने के लिए IFSCA ने GIFT City के जरिए काम करने वाले ब्रोकर्स का फ्रेमवर्क पेश किया है, जो अधिक पारदर्शी और सीधे कंट्रोल में है। अपना निवेश करने से पहले चेक करें कि आपका प्लेटफॉर्म IFSCA के साथ रजिस्टर्ड है या नहीं।

अन्य जरूरी सावधानियां

US बाजार में निवेश केवल बाजार जोखिम तक सीमित नहीं है। इसमें LRS (Liberalised Remittance Scheme) की सीमाएं और जटिल टैक्स फाइलिंग का भी पेंच है। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी आपके रिटर्न पर सीधा असर डालती है। निवेशक अपने US कस्टोडियन से सीधे अकाउंट स्टेटमेंट मांगकर सुरक्षा को वेरिफाई कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि फंड सीधे बैंक अकाउंट में विड्रॉ किए जा सकते हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.