2 लाख की Income, पर 22 लाख का कर्ज़! IT प्रोफेशनल की बड़ी आर्थिक मुश्किल

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AuthorAditya Rao|Published at:
2 लाख की Income, पर 22 लाख का कर्ज़! IT प्रोफेशनल की बड़ी आर्थिक मुश्किल

सिर्फ 27 साल के एक IT प्रोफेशनल की कहानी जो हर महीने 2 लाख रुपये कमाता है, लेकिन 22 लाख रुपये के भारी कर्ज़ के बोझ तले दबा हुआ है। पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड की EMI के चलते उसकी सारी कमाई खत्म हो जाती है और सेविंग के लिए कुछ नहीं बचता।

Detailed Coverage

एक 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जो हर महीने ₹2 लाख कमाता है, उसने ज़्यादा उधार लेने के खतरों को उजागर किया है। इतनी मोटी कमाई के बावजूद, वह शादी और नौकरी बदलने जैसी ज़िंदगी की कई उठा-पटक के बाद ₹22 लाख से ज़्यादा के कर्ज़ में डूब चुका है और हर महीने बस गुज़ारा कर रहा है।

कर्ज़ का बोझ कैसे बढ़ा?

उसकी आर्थिक तंगी की मुख्य वजह हैं - क्रेडिट कार्ड पर भारी-भरकम EMI, पर्सनल लोन और परिवार को दिया उधार। हर महीने उसके ₹80,000 सिर्फ EMI में चले जाते हैं, जिसमें ₹25,000 पर्सनल लोन के, ₹25,000 रिश्तेदार को चुकाने के, और लगभग ₹30,000 क्रेडिट कार्ड EMI के शामिल हैं। यह रकम उसकी टेक-होम सैलरी का एक बड़ा हिस्सा खा जाती है। इतना ही नहीं, उसने ₹6 लाख के म्यूचुअल फंड को गिरवी रखकर ₹2.2 लाख का लोन लिया है, जिससे आपातकालीन स्थिति में निवेश से मदद मिलने की गुंजाइश भी कम हो गई है।

अचानक आए खर्चों का असर

यह स्थिति दिखाती है कि कैसे घर में अचानक आय कम होने (जैसे किसी सेकेंडरी इनकम का बंद होना) और नया घर बसाने के खर्चों से वित्तीय स्थिरता तेज़ी से खत्म हो सकती है। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके पैसों की तंगी को दूर करने की कोशिश एक आम गलती है, जो अक्सर भारी ब्याज वाले कर्ज़ के जाल में फंसा देती है। जब घर के खर्चे बढ़ जाते हैं और बजट को ठीक नहीं किया जाता, तो ऐसे में लोग महंगे लोन और क्रेडिट प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, जिससे लंबे समय में ब्याज का बोझ और बढ़ जाता है।

आर्थिक रिकवरी के लिए क्या करें?

वित्तीय सलाहकार (Financial Experts) ऐसे लोगों को कर्ज़ समेकन (Debt Consolidation) यानी अलग-अलग कर्ज़ों को एक साथ मिलाकर कम ब्याज वाले लोन में बदलने की सलाह देते हैं। इससे हर महीने ब्याज के रूप में जाने वाला पैसा कम हो जाता है। सबसे ज़्यादा ब्याज वाले कर्ज़ों को पहले चुकाना, जिसे 'डेट एवलांच मेथड' (Debt Avalanche Method) कहते हैं, कुल चुकाए जाने वाले ब्याज को कम करने में मदद करता है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसे लोग अपने कैश फ्लो पर कड़ी नज़र रखें। इस इंजीनियर के मामले में, अगले दो महीनों में क्रेडिट कार्ड की EMI खत्म होने से उसकी मासिक कमाई में कुछ राहत मिलेगी। ऐसे में, लाइफस्टाइल पर खर्च बढ़ाने के बजाय, इस अतिरिक्त पैसे का इस्तेमाल इमरजेंसी फंड बनाने या रिश्तेदार के लोन को चुकाने में करना चाहिए। भविष्य में, अपनी खर्चों पर लगाम कसकर, एक सख़्त बजट बनाकर और घर की कुल आय बढ़ाने के मौक़े तलाशकर ही वह अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.