ITR फाइलिंग में टैक्स रिजीम बदलने का मौका: 2026 के लिए ये हैं नए नियम!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ITR फाइलिंग में टैक्स रिजीम बदलने का मौका: 2026 के लिए ये हैं नए नियम!

क्या आप भी अपनी सैलरीड इनकम पर टैक्स बचाना चाहते हैं? अच्छी खबर ये है कि अगर आपने पहले नई टैक्स रिजीम (New Tax Regime) चुनने का मन बनाया था, लेकिन अब पुराना रिजीम (Old Tax Regime) पसंद आ रहा है, तो आप ITR फाइल करते समय अपना फैसला बदल सकते हैं। ये सुविधा आपको 2025-2026 फाइनेंशियल ईयर के लिए मिलेगी।

सैलरीड क्लास के लिए हर साल टैक्स बचाने का सबसे बड़ा सवाल होता है - ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) चुनें या न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime)? अक्सर लोग साल की शुरुआत में अपने एम्प्लॉयर को जो टैक्स रिजीम बता देते हैं, सोचते हैं कि वही फाइनल है। लेकिन, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने अब एक बड़ी राहत दी है। अब आप फाइनेंशियल ईयर 2025-2026 के लिए अपना फाइनल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय अपना टैक्स रिजीम बदल सकते हैं। इसका मतलब है कि आप वही रिजीम चुन सकते हैं जिससे आपको सबसे ज्यादा टैक्स की बचत हो।

दोनों टैक्स रिजीम की तुलना

सही रिजीम चुनना थोड़ा कन्फ्यूजिंग हो सकता है। नई टैक्स रिजीम में बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट ₹4 लाख है, जबकि पुरानी रिजीम में यह ₹2.50 लाख है। लेकिन, नई रिजीम में आपको HRA (House Rent Allowance), LTA (Leave Travel Allowance) जैसी कई छूटें नहीं मिलतीं। साथ ही, सेक्शन 80C के तहत PPF, बच्चों की ट्यूशन फीस, जीवन बीमा प्रीमियम जैसी आम बचतों का फायदा भी न्यू रिजीम में नहीं मिलेगा। ये सभी फायदे सिर्फ ओल्ड टैक्स रिजीम में ही मिलते हैं। इसलिए, कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी कुल टैक्स बचाने वाली इनकम (Eligible Deductions) का हिसाब लगाना बहुत ज़रूरी है।

सेक्शन 87A के तहत रिबेट (Rebate)

एक और अहम बात है सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली टैक्स रिबेट। अगर आप नई टैक्स रिजीम चुनते हैं और आपकी कुल इनकम ₹12 लाख तक है, तो आप ₹60,000 तक की टैक्स रिबेट के हकदार हो सकते हैं। लेकिन, ध्यान रखें कि यह रिबेट हर तरह की इनकम पर लागू नहीं होती। उदाहरण के लिए, लिस्टेड शेयर्स या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर होने वाले लॉन्ग-टर्म या शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (Capital Gains) पर लगने वाला टैक्स, इस रिबेट के बाद भी देना होगा।

टैक्सपेयर्स को क्या ध्यान रखना चाहिए?

आखिरी फैसला लेने से पहले, अपनी कुल इनकम (Salary और Capital Gains मिलाकर) चेक करें कि किस रिजीम में आपको सबसे ज्यादा फायदा होगा। ITR फाइल करते समय जो भी फैसला लिया जाएगा, वही उस असेसमेंट ईयर के लिए फाइनल होगा। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि आप इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें या किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट से सलाह लें। दोनों रिजीम के तहत लगने वाले असल टैक्स का कंपेरिजन ज़रूर करें। अपनी सभी इन्वेस्टमेंट और इनकम के रिकॉर्ड्स को संभाल कर रखना भी ज़रूरी है ताकि ITR फाइलिंग के समय कोई गलती न हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.