Sukanya Samriddhi Yojana: जुड़वां बच्चों के जन्म पर खुल सकता है तीसरा खाता, जानें नियम और बड़े फायदे

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Sukanya Samriddhi Yojana: जुड़वां बच्चों के जन्म पर खुल सकता है तीसरा खाता, जानें नियम और बड़े फायदे

Sukanya Samriddhi Yojana में आमतौर पर दो खाते खोलने की इजाजत होती है, लेकिन खास परिस्थितियों जैसे जुड़वां या तीन बच्चों के जन्म पर सरकार तीसरा खाता खोलने की सुविधा देती है। **8.2%** के ब्याज दर के साथ, आप प्रति खाता **₹1.5 लाख** सालाना जमा कर सकते हैं और अपना टैक्स-फ्री सेविंग फंड बढ़ा सकते हैं।

नियम और शर्तें (Birth Exception Rules)

आमतौर पर सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में एक परिवार सिर्फ दो बेटियों के लिए ही खाता खोल सकता है। लेकिन, अगर किसी महिला को पहली डिलीवरी में ही जुड़वां या तीन बेटियां होती हैं, तो सरकार तीसरे खाते की छूट देती है। यह नियम तब भी लागू होता है जब पहली बेटी के बाद दूसरी डिलीवरी में जुड़वां या तीन बेटियां होती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि यह छूट केवल इन विशिष्ट स्थितियों के लिए है। सामान्य रूप से तीसरी संतान होने पर यह नियम लागू नहीं होता और किसी भी स्थिति में 4 खाते खोलने की अनुमति नहीं है।

निवेश की ताकत और कंपाउंडिंग का फायदा

योजना के तहत एक खाते में सालाना ₹1.5 लाख का निवेश किया जा सकता है। वर्तमान में इस पर 8.2% का सालाना ब्याज मिल रहा है, जो पूरी तरह से टैक्स-फ्री है। मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पर भी कोई टैक्स नहीं लगता, जो इसे लॉन्ग-टर्म प्लानिंग के लिए सबसे सुरक्षित और प्रभावी विकल्प बनाता है। अगर आप नियमों के दायरे में रहकर तीसरा खाता खोलते हैं, तो आप अपनी निवेश क्षमता को काफी बढ़ा सकते हैं।

ध्यान रखें ये जरूरी बातें

योजना का पूरा फायदा कंपाउंडिंग के जरिए मिलता है, जिसके लिए जरूरी है कि आप हर साल समय पर अपना योगदान दें। निवेशकों को यह भी याद रखना चाहिए कि सरकार हर तिमाही में स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरों की समीक्षा करती है, इसलिए भविष्य में रिटर्न में बदलाव हो सकता है। योजना की आधिकारिक गाइडलाइंस और ब्याज दर में होने वाले बदलावों पर नजर रखना आपके फाइनेंशियल लक्ष्य के लिए सबसे जरूरी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.