अगस्त 2026 तक Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) पर **8.2%** का सालाना ब्याज मिल रहा है। यह स्कीम बेटी के भविष्य के लिए एक लॉन्ग-टर्म सेविंग्स टूल है, जिसमें **21 साल** की मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने के सख्त नियम हैं।
Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) भारत की सबसे लोकप्रिय सरकारी सेविंग्स स्कीम में से एक है। अगस्त 2026 तक इस पर 8.2% का सालाना ब्याज मिल रहा है। यह स्कीम शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी के लिए नहीं, बल्कि लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने के लिए है। इसका टेन्योर अकाउंट खुलने की तारीख से 21 साल तक का होता है, जिससे फंड्स तक जल्दी पहुंच सीमित रहती है।
पढ़ाई के लिए पैसे कैसे निकालें?
हायर एजुकेशन के लिए आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की सुविधा है, लेकिन यह शर्तों के अधीन है। आप कुल बैलेंस का 50% तक निकाल सकते हैं, लेकिन यह अनुमति बेटी के 18 साल के होने या 10वीं कक्षा पास करने के बाद ही मिलती है। इसके लिए एडमिशन लेटर या कॉलेज की फीस स्ट्रक्चर जैसे डॉक्यूमेंट्स अनिवार्य हैं। बिना सही कागजात के बैंक या पोस्ट ऑफिस विड्रॉल रिक्वेस्ट प्रोसेस नहीं करेंगे।
प्री-मैच्योर क्लोजर (Pre-mature Closure) के नियम
21 साल की अवधि से पहले अकाउंट बंद करने की इजाजत सिर्फ कुछ खास स्थितियों में है। बेटी की शादी के समय (जब वह 18 साल की हो जाए) या खाताधारक की दुखद मृत्यु की स्थिति में ही इसे बंद किया जा सकता है। इसके अलावा, स्कीम में फ्लेक्सिबिलिटी बहुत कम है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी क्लोजर से पहले अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस से पूरी कानूनी जानकारी ले लें।
ध्यान रखने वाले जरूरी रिस्क
SSY टैक्स बेनेफिट और स्टेबल रिटर्न तो देता है, लेकिन इसमें लिक्विडिटी रिस्क है, यानी इमरजेंसी में पैसा निकालना मुश्किल है। साथ ही, खाते को रेगुलर रखना जरूरी है। अगर आप सालाना ₹250 का न्यूनतम डिपॉजिट नहीं करते हैं, तो अकाउंट 'इर्रेगुलर' हो जाता है और उसे दोबारा शुरू करने के लिए पेनल्टी देनी पड़ती है। याद रखें कि सरकार समय-समय पर ब्याज दरों में बदलाव करती रहती है, जिसका असर आपकी मैच्योरिटी राशि पर पड़ सकता है।
