₹1 Crore Portfolio: अपने निवेश को कैसे मैनेज करें? जानें सही एसेट एलोकेशन का गणित

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
₹1 Crore Portfolio: अपने निवेश को कैसे मैनेज करें? जानें सही एसेट एलोकेशन का गणित

₹1 करोड़ का पोर्टफोलियो बनाना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसे सुरक्षित रखने के लिए सही रणनीति जरूरी है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के अनुसार, **65–75%** इक्विटी, **15–25%** डेट और **5–10%** गोल्ड में निवेश करना वेल्थ क्रिएशन के लिए एक बेहतरीन फॉर्मूला है।

जब आपका पोर्टफोलियो ₹1 करोड़ के स्तर पर पहुंच जाता है, तो आपका लक्ष्य केवल पैसा बढ़ाना नहीं, बल्कि जोखिम को कंट्रोल में रखना भी होना चाहिए। एक सही एसेट एलोकेशन आपको बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाता है।

इक्विटी और स्टैबिलिटी

इक्विटी आपके पोर्टफोलियो का वह हिस्सा है जो लंबे समय में आपकी वेल्थ को बढ़ाता है। अपने पोर्टफोलियो के 60-70% हिस्से को लार्ज-कैप कंपनियों में रखने की सलाह दी जाती है। ये कंपनियां बाजार की गिरावट को झेलने में ज्यादा सक्षम होती हैं।

डेट की भूमिका

डेट केवल रिटर्न के लिए नहीं, बल्कि लिक्विडिटी के लिए भी जरूरी है। जब बाजार में गिरावट आती है, तो आपके पास इमरजेंसी फंड के रूप में डेट होना चाहिए ताकि आपको घाटे में अपने इक्विटी शेयर न बेचने पड़ें। इसमें ध्यान रहे कि आपका रिटर्न महंगाई (Inflation) और टैक्स के असर को मात देने वाला हो।

गोल्ड क्यों है जरूरी?

गोल्ड को एक निवेश के बजाय 'हेजिंग टूल' की तरह देखें। यह बाजार की अनिश्चितता के दौरान आपके पोर्टफोलियो को सहारा देता है। जब स्टॉक मार्केट में दबाव होता है, तो गोल्ड अक्सर पोर्टफोलियो को गिरने से बचाता है।

पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग

याद रखें, निवेश 'सेट और फॉरगेट' (Set and Forget) का मामला नहीं है। समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो की रीबैलेंसिंग करते रहें। यदि इक्विटी में भारी तेजी के कारण उसका हिस्सा 75% से ऊपर चला जाए, तो मुनाफा वसूल कर उसे डेट या गोल्ड में शिफ्ट करें। हमेशा ब्याज दरों और टैक्स नियमों पर नजर रखें ताकि आपका पोर्टफोलियो हमेशा ट्रैक पर रहे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.