Home Loan: बिल्डर का प्रोजेक्ट रुका तो क्या EMI बंद कर दें? जान लीजिए इसके खतरनाक नुकसान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Home Loan: बिल्डर का प्रोजेक्ट रुका तो क्या EMI बंद कर दें? जान लीजिए इसके खतरनाक नुकसान

कई घर खरीदार यह गलती कर बैठते हैं कि प्रोजेक्ट में देरी होने पर वे होम लोन की EMI देना बंद कर देते हैं। लेकिन याद रखें, बैंक का आपके साथ एग्रीमेंट बिल्डर से पूरी तरह अलग होता है। EMI रोकना आपके क्रेडिट स्कोर को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है।

घर खरीदना एक बड़ा निवेश है, लेकिन अगर बिल्डर कंस्ट्रक्शन रोक दे, तो यह एक बुरे सपने जैसा लगता है। इस स्थिति में कई लोग सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे अपनी EMI या प्री-EMI पेमेंट देना बंद कर देते हैं। बहुत से लोगों को गलतफहमी होती है कि अगर बिल्डर ने काम नहीं किया, तो बैंक को भी लोन का भुगतान रोक देना चाहिए।

बैंक और बिल्डर का रिश्ता अलग है

आपको यह समझना होगा कि होम लोन का एग्रीमेंट केवल आपके और बैंक के बीच है। बैंक ने आपको पैसा दिया है और उसे समय पर मूलधन (Principal) और ब्याज (Interest) वापस चाहिए। चाहे कंस्ट्रक्शन समय पर हो रहा हो या बिल्कुल ठप पड़ गया हो, बैंक के लिए लोन चुकाना आपकी जिम्मेदारी है। प्रोजेक्ट की देरी को बैंक लोन रोकने का वाजिब कारण नहीं मानते। अगर आप EMI देते हैं, तो बैंक कानूनी तौर पर आपके लोन को डिफॉल्ट (Default) की श्रेणी में डाल देगा।

क्रेडिट स्कोर का तगड़ा नुकसान

EMI रोकने का सबसे बुरा असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। एक बार सिबिल (CIBIL) रिपोर्ट में यह अकाउंट 'डिफॉल्ट' दिखा, तो आपका पूरा वित्तीय भविष्य खतरे में पड़ सकता है। इसका असर न सिर्फ होम लोन पर होगा, बल्कि भविष्य में आपको पर्सनल लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। यह एक ऐसी समस्या है जिसका असर सालों-साल बना रहता है।

क्या है सही रणनीति?

यदि आप ऐसी स्थिति में हैं, तो सबसे पहले अपने क्रेडिट स्कोर को बचाएं। अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार लोन को 'स्टैंडर्ड' श्रेणी में रखने की कोशिश करें। यदि किराया और EMI का बोझ उठाना नामुमकिन हो जाए, तो एसेट को लिक्विडेट करने के बारे में सोचें। आप अपने अंडर-कंस्ट्रक्शन यूनिट के अधिकार किसी और को बेच सकते हैं या बैंक और बिल्डर की सहमति से सेटलमेंट करने का प्रयास कर सकते हैं।

बिल्डर के खिलाफ RERA या NCLT में कानूनी लड़ाई लड़ना जरूरी है, लेकिन इसे अपने बैंक लोन के साथ न जोड़ें। कानूनी लड़ाई एक अलग ट्रैक है और बैंक के प्रति आपकी जिम्मेदारी बिल्कुल अलग। बैंक के साथ अपने संबंध को स्वतंत्र रूप से मैनेज करें ताकि आने वाले समय में आपकी क्रेडिट साख पर कोई दाग न लगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.