RBI का बड़ा फैसला
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2019-20 सीरीज VI के लिए ₹14,931 प्रति यूनिट का रिडेम्पशन प्राइस तय किया है। बॉन्डहोल्डर्स 30 अप्रैल से अपने निवेश को प्रीमैच्योरली रिडीम (Redeem) करना शुरू कर सकते हैं। यह कदम अक्टूबर 2019 में बॉन्ड जारी होने के बाद से सोने की कीमतों में आई ज़बरदस्त उछाल को दर्शाता है।
निवेशकों की पौ बारह (Great Gains)
इस रिडेम्पशन प्राइस पर योग्य निवेशकों को लगभग 295% का शानदार रिटर्न मिल रहा है। यानी, ₹3,785 प्रति ग्राम के इश्यू प्राइस पर किया गया ₹1 लाख का निवेश अब लगभग ₹3.95 लाख का हो गया है। यह आंकड़ा सेमी-एनुअल (Semi-annual) यानी हर छह महीने में मिलने वाले इंटरेस्ट (Interest) को छोड़कर है।
ब्याज (Interest) का भी फायदा
आम तौर पर, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर 2.5% सालाना का फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट मिलता है, जिसका भुगतान साल में दो बार किया जाता है। यह ब्याज बॉन्ड की होल्डिंग अवधि के दौरान कुल रिटर्न को और बढ़ाता है।
टैक्स का नया नियम (Tax Implications)
लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि 1 अप्रैल से लागू हुए नए टैक्स नियमों के तहत, SGB के प्रीमैच्योर रिडेम्पशन पर कैपिटल गेन्स टैक्स (Capital Gains Tax) लगेगा। यह उन ओरिजिनल सब्सक्राइबर्स (Original Subscribers) पर भी लागू होगा जिन्हें पहले प्रीमैच्योर एग्जिट (Premature Exit) पर टैक्स में छूट मिलती थी। कैपिटल गेन्स टैक्स से बचने का एकमात्र तरीका बॉन्ड की पूरी 8 साल की मैच्योरिटी (Maturity) तक रुकना है। जो निवेशक सेकेंडरी मार्केट (Secondary Market) से SGB खरीदते हैं, उन पर भी ये अपडेटेड टैक्स रूल्स लागू होंगे।
