15 साल का मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद PPF निवेशकों के पास तीन बड़े विकल्प होते हैं। मैच्योरिटी के एक साल के भीतर सही फैसला लेना जरूरी है ताकि निवेश का सिलसिला बरकरार रखा जा सके।
Public Provident Fund (PPF) में 15 साल का लंबा सफर पूरा करना किसी भी निवेशक के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। अच्छी बात यह है कि मैच्योरिटी पीरियड खत्म होने पर पैसा निकालने की कोई अनिवार्यता नहीं है। आप अपनी फाइनेंशियल जरूरतों के हिसाब से सही फैसला ले सकते हैं।\n\n### पोस्ट-मैच्योरिटी 3 बड़े विकल्प\n\n1. पूरी रकम निकालना: आप अपना पूरा पैसा (ब्याज सहित) निकाल सकते हैं और खाता बंद कर सकते हैं। यह विकल्प उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने या रिटायरमेंट जैसे बड़े खर्चों के लिए फंड की जरूरत है।\n\n2. बिना नए निवेश के खाता चालू रखना: अगर आप कोई नया पैसा जमा नहीं करना चाहते, तो भी खाता खुला रख सकते हैं। आपके मौजूदा बैलेंस पर सरकारी नियमों के अनुसार ब्याज मिलता रहेगा। आप फाइनेंशियल ईयर में एक बार पैसा भी निकाल सकते हैं।\n\n3. 5-5 साल के लिए एक्सटेंशन: आप खाते को 5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं और लगातार पैसा जमा करते रह सकते हैं। इसके लिए आपको मैच्योरिटी की तारीख से 1 साल के भीतर बैंक या पोस्ट ऑफिस में 'Form H' जमा करना होगा। अगर यह समय चूक गए, तो आप नया निवेश करने का अधिकार खो देंगे।\n\n### टैक्स और ब्याज का फायदा\n\nसितंबर 2026 तक, PPF पर ब्याज दर 7.1% प्रति वर्ष है। इसका सबसे बड़ा फायदा EEE (Exempt-Exempt-Exempt) स्टेटस है, यानी निवेश, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता।\n\n### एक स्मार्ट रणनीति\n\nPPF एक लो-रिस्क, डेट-ओरिएंटेड इंस्ट्रूमेंट है। पोर्टफोलियो को बैलेंस रखने के लिए केवल इसी पर निर्भर न रहें। बेहतर ग्रोथ के लिए इसे इक्विटी म्यूचुअल फंड या नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जैसे मार्केट-लिंक्ड विकल्पों के साथ जोड़कर देखें। अपने बैंक से संपर्क करके सही विकल्प चुनें ताकि आपकी बचत का सिलसिला न टूटे।
