बच्चों की सेविंग के लिए पेरेंट्स अक्सर PPF और Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) में उलझ जाते हैं। फिलहाल SSY पर **8.2%** और PPF पर **7.1%** ब्याज मिल रहा है, लेकिन लिक्विडिटी और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से दोनों के फायदे अलग-अलग हैं।
बच्चों के भविष्य के लिए सरकारी गारंटी वाली निवेश योजनाओं में Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) और Public Provident Fund (PPF) सबसे लोकप्रिय हैं। जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, SSY पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है, जबकि PPF पर यह दर 7.1% है। दोनों ही स्मॉल सेविंग्स स्कीम सुरक्षित हैं, लेकिन इनका लक्ष्य और नियम अलग हैं।
Sukanya Samriddhi Yojana (SSY): बिटिया के लिए खास
SSY केवल बेटी के नाम पर ही खोला जा सकता है, जिसकी उम्र 10 साल से कम हो। इसमें 21 साल की लंबी अवधि की मैच्योरिटी होती है, हालांकि निवेश सिर्फ 15 साल तक करना पड़ता है। यह स्कीम शादी या उच्च शिक्षा के लिए फंड बनाने का एक बेहतरीन और अनुशासन भरा तरीका है। इसमें लिक्विडिटी थोड़ी कम है; बेटी के 18 साल के होने पर ही पिछले साल के बैलेंस का 50% निकाला जा सकता है।
Public Provident Fund (PPF): हर किसी के लिए लचीला विकल्प
PPF कोई भी भारतीय नागरिक खोल सकता है। इसकी मैच्योरिटी 15 साल है और यह फैमिली फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए अधिक फ्लेक्सिबल है। PPF में लोन और आंशिक निकासी (partial withdrawal) की सुविधा मिलती है, जो इसे मेडिकल इमरजेंसी या अन्य खर्चों के लिए एक बेहतर सुरक्षा कवच बनाती है।
टैक्स और जोखिम की बात
दोनों ही स्कीम्स EEE (Exempt-Exempt-Exempt) स्टेटस का लाभ देती हैं। इसका मतलब है कि निवेश की गई रकम पर Section 80C के तहत छूट मिलती है, ब्याज टैक्स-फ्री है और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा भी पूरी तरह टैक्स के दायरे से बाहर है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इन स्कीम्स के ब्याज दर फिक्स्ड नहीं होते। वित्त मंत्रालय हर तिमाही इनकी समीक्षा करता है, इसलिए लॉन्ग टर्म में मिलने वाला रिटर्न बदल सकता है। स्मार्ट पेरेंट्स अक्सर दोनों का कॉम्बिनेशन चुनते हैं ताकि बेहतर ब्याज और जरूरत पड़ने पर फंड की उपलब्धता, दोनों का लाभ मिल सके।
