PFRDA ने National Pension System (NPS) के लिए फीस स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है। अब निवेशकों को **0.20%** का सालाना सर्विस चार्ज देना होगा, हालांकि पूरी तरह डिजिटल e-NPS इस्तेमाल करने वालों को इससे छूट मिलेगी।
नया फीस स्ट्रक्चर और कैसे कटेगा पैसा?
PFRDA ने पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoPs) के जरिए NPS सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए नियमों में बदलाव किया है। अब रजिस्ट्रेशन के लिए ₹200 (फिजिकल मोड) या ₹100 (डिजिटल मोड) की वन-टाइम फीस तय की गई है। सबसे अहम बात यह है कि यह पैसा अलग से नहीं लिया जाएगा, बल्कि हर तिमाही ₹50 के यूनिट्स कैंसिल करके वसूला जाएगा।
सालाना चार्ज की पूरी जानकारी
अब निवेशकों को उनके कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) पर 0.20% का सालाना सर्विस चार्ज देना होगा। यह भी यूनिट्स के रिडेम्पशन के जरिए ही वसूला जाएगा, जिससे निवेशकों के अकाउंट में यूनिट्स की संख्या में हल्की कमी दिखेगी।
किसे मिलेगी राहत?
अगर आप e-NPS प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करते हैं, तो आपको PoP संबंधी सर्विस चार्ज से छूट मिलेगी। इसके अलावा, जिन खातों में लगातार 4 तिमाहियों से कोई योगदान नहीं आया है (डॉर्मेंट अकाउंट), उन पर 0.20% का सालाना चार्ज नहीं लगेगा।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे 2026-27 फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही के बाद अपने स्टेटमेंट को बारीकी से चेक करें, ताकि उन्हें पता चल सके कि इन यूनिट कैंसिलेशन का उनके कुल कॉर्पस पर क्या असर पड़ रहा है।
