PFRDA का NPS फीस पर नया नियम: क्या हैं बड़े बदलाव?
PFRDA, यानी पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी, 1 जुलाई 2026 से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के शुल्क ढांचे में बड़ा फेरबदल करने जा रही है। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसीज़ (CRAs) के लिए फीस लगाने में अधिक स्पष्टता और एकरूपता लाना है।
सबसे अहम बदलावों में से एक यह है कि NPS टियर II खातों के लिए एनुअल मेंटेनेंस चार्जेस (AMC) को उसी सेक्टर (सरकारी या निजी) के टियर I खातों के बराबर कर दिया जाएगा। पहले, अलग-अलग फीस स्ट्रक्चर ग्राहकों के लिए कन्फ्यूजन पैदा कर सकते थे, लेकिन अब यह मानकीकरण लागत को सरल बनाएगा।
एक और बड़ा नियम यह है कि एक ही परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) के तहत आने वाली हर पेंशन स्कीम के लिए अब अलग से AMC चार्ज की जाएगी। इसका मतलब है कि अगर किसी सब्सक्राइबर के NPS में कई अलग-अलग इन्वेस्टमेंट स्कीम्स हैं, तो उन्हें अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।
निवेशकों को मिलेगी बड़ी राहत
PFRDA के इस निर्देश से कुछ खास तरह के निवेशकों को सीधे तौर पर फायदा होगा। जिन टियर II खातों में बैलेंस ₹1,000 से कम है, उनके लिए AMC को पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। यह छोटे निवेशकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा और उनकी छोटी बचत को सुरक्षित रखेगा।
साथ ही, निष्क्रिय (dormant) अकाउंट्स वाले सब्सक्राइबर्स को भी रियायत दी गई है। ऐसे खाते जो लगातार चार तिमाहियों तक निष्क्रिय रहते हैं और जिनमें कोई कंट्रीब्यूशन नहीं आता, उन पर केवल मानक AMC का 10% ही लगाया जाएगा। इससे ऐसे सब्सक्राइबर जो अस्थायी रूप से दूर थे, उनके लिए लागत कम हो जाएगी।
नए खातों के लिए, PFRDA ने साफ किया है कि PRAN खोलने का चार्ज एक बार ही लगेगा। मौजूदा PRAN के तहत अतिरिक्त टियर I या टियर II खाते खोलने या एक्टिवेट करने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, जिससे अकाउंट खोलना और आसान हो जाएगा। खास तौर पर, अटल पेंशन योजना (APY) और NPS-Lite जैसी कम बैलेंस वाली स्कीम्स के लिए AMC शून्य ही रहेगी।
NPS की लागत अभी भी है प्रतिस्पर्धी
यह बदलाव ऐसे समय में आ रहे हैं जब भारत का वित्तीय सेवा क्षेत्र लागत दक्षता और निवेशक संरक्षण पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है। NPS पहले से ही पारंपरिक म्यूचुअल फंड्स की तुलना में काफी कम एक्सपेंस रेशियो के साथ एक मजबूत स्थिति में है। उदाहरण के लिए, NPS कॉमन स्कीम्स के लिए फंड मैनेजमेंट फीस 0.09% पर कैप की गई है, जो म्यूचुअल फंड्स में देखे जाने वाले 0.50% से 1.50% से काफी कम है।
संभावित चुनौतियां
हालांकि PFRDA का लक्ष्य पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों को राहत देना है, लेकिन कुछ संभावित जटिलताएं भी हैं। हर स्कीम के लिए अलग AMC का नियम उन सब्सक्राइबर्स के लिए लागत बढ़ा सकता है जिनके पास कई तरह की इन्वेस्टमेंट स्कीम्स हैं। CRAs के लिए, निष्क्रिय खातों पर सिर्फ 10% AMC राजस्व कम कर सकती है, जिससे उन्हें ऐसे सब्सक्राइबर्स को फिर से जोड़ने के लिए कम प्रोत्साहन मिल सकता है।
