PFRDA ने लॉन्च किया NPS Swasthya, अब रिटायरमेंट के साथ हेल्थ इंश्योरेंस भी

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AuthorMehul Desai|Published at:
PFRDA ने लॉन्च किया NPS Swasthya, अब रिटायरमेंट के साथ हेल्थ इंश्योरेंस भी

PFRDA ने 'NPS Swasthya' नामक एक नई पहल शुरू की है, जो रिटायरमेंट सेविंग्स को हेल्थ इंश्योरेंस के साथ जोड़ती है। **1 अक्टूबर 2026** से लागू इस स्कीम में सब्सक्राइबर्स को मेडिकल जरूरतों के लिए अपने कंट्रीब्यूशन का **25%** तक निकालने की सुविधा मिलेगी।

PFRDA ने 'NPS Swasthya' को ऐसे समय पर पेश किया है जब भारत में हेल्थकेयर कॉस्ट तेजी से बढ़ रही है। यह स्कीम रिटायरमेंट प्लानिंग और मेडिकल सुरक्षा को एक साथ मैनेज करने का एक हाइब्रिड मॉडल है। इसमें एक मार्केट-लिंक्ड पेंशन अकाउंट के साथ अनिवार्य सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस मिलता है।

स्कीम कैसे काम करेगी?

यह स्कीम मेडिकल इमरजेंसी के समय होने वाले वित्तीय बोझ को कम करने के लिए तैयार की गई है। इसमें सब्सक्राइबर्स को 25% तक पेंशन कंट्रीब्यूशन निकालने की छूट है, जिससे उन्हें इमरजेंसी में महंगे कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह डिजिटल इंटरऑपरेबिलिटी के जरिए क्लेम प्रोसेस को भी आसान बनाएगा।

मेडिकल महंगाई का खतरा

भारत में हेल्थकेयर इन्फ्लेशन 11.5% से 14% के बीच रहने का अनुमान है, जो आम महंगाई से काफी ज्यादा है। 'NPS Swasthya' इस जोखिम को एड्रेस करता है ताकि रिटायरमेंट के बाद लोगों को अपनी मुख्य पेंशन राशि को खर्च करने के लिए मजबूर न होना पड़े।

ध्यान देने योग्य जोखिम

निवेशकों को यह समझना होगा कि पेंशन का हिस्सा मार्केट-लिंक्ड है, इसलिए मार्केट की उतार-चढ़ाव का असर आपके कॉर्पस पर पड़ सकता है। साथ ही, 25% राशि निकालने से भविष्य में मिलने वाली पेंशन की कंपाउंडिंग कम हो जाएगी। इसके अलावा, एडमिनिस्ट्रेटिव जटिलताओं को समझना भी जरूरी है।

मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि Axis Pension Fund, Tata Pension Fund और Medi Assist जैसे संस्थानों के लिए यह एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, क्योंकि इसका असर इनके बिजनेस मॉडल पर सीधा पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.