PFRDA ने NPS Swasthya लॉन्च किया है, जो रिटायरमेंट सेविंग्स और हेल्थ इंश्योरेंस को एक साथ जोड़ता है। इसमें सब्सक्राइबर्स को सुपर टॉप-अप मेडिकल पॉलिसी की सुविधा मिलेगी और इलाज के खर्च के लिए **25%** तक कॉर्पस इस्तेमाल किया जा सकेगा।
मेडिकल खर्चों की चिंता होगी कम
PFRDA ने 18 सितंबर 2026 को NPS Swasthya फ्रेमवर्क पेश किया है। इसका मुख्य मकसद रिटायरमेंट के बाद आने वाले मेडिकल खर्चों के दबाव को कम करना है। इस योजना के जरिए अब निवेश और हेल्थ प्रोटेक्शन एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।
कैसे काम करेगा यह प्लान?
इस योजना में एक अनिवार्य सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेना जरूरी होगा। यह पॉलिसी तब काम आएगी जब मेडिकल खर्च एक तय सीमा से ऊपर निकल जाते हैं। स्कीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सब्सक्राइबर्स अपने NPS अकाउंट में जमा राशि का 25% तक हिस्सा स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के लिए निकाल सकते हैं। यह पैसा सीधे अस्पताल या हेल्थकेयर प्रोवाइडर को दिया जाएगा, जिससे कैशलेस जैसी सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
पात्रता और निवेश के नियम
- कवरेज: इसमें सब्सक्राइबर्स, उनके जीवनसाथी और 2 आश्रित बच्चे शामिल हैं। (माता-पिता को इसमें कवर नहीं किया गया है)।
- उम्र सीमा: 18 से 70 साल के लोग इसमें जुड़ सकते हैं और इसे 85 साल तक रिन्यू किया जा सकता है।
- सम इंश्योर्ड: इसमें ₹1 लाख से लेकर ₹30 लाख तक का कवर मिलता है।
- शुल्क: शुरुआत करने के लिए ₹1,000 का कंट्रीब्यूशन और ₹200 का एनुअल मेंटेनेंस चार्ज देना होगा। बाद में आप सिर्फ ₹10 से भी निवेश जारी रख सकते हैं।
निवेशकों के लिए सलाह है कि वे अपने मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टफोलियो की तुलना इस नई स्कीम के प्रीमियम और डीडक्टिबल्स से जरूर कर लें ताकि रिटायरमेंट प्लानिंग में कोई चूक न हो।
