NRI Asset Inheritance: भारत में विरासत पाने वाले NRI रहें सावधान, FEMA के कड़े नियमों और Limits को समझें

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
NRI Asset Inheritance: भारत में विरासत पाने वाले NRI रहें सावधान, FEMA के कड़े नियमों और Limits को समझें

भारत में संपत्ति विरासत में पाना NRI के लिए कानूनी रूप से मान्य है, लेकिन इसे विदेश भेजने के लिए FEMA के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इसमें **$1 मिलियन** की सालाना सीमा और टैक्स से जुड़े दस्तावेज बेहद अहम हैं।

भारत में NRI के लिए संपत्ति विरासत में मिलना—चाहे वह बैंक डिपॉजिट हो, म्यूचुअल फंड हो या रियल एस्टेट—एक सामान्य प्रक्रिया है। असली चुनौती तब आती है जब इस संपत्ति को भारत के बाहर भेजने (Repatriation) का फैसला लिया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के दायरे में आती है, और इसके नियमों की अनदेखी भारी जुर्माना करवा सकती है।

नॉमिनी बनाम कानूनी उत्तराधिकारी

एक बड़ी गलतफहमी यह है कि बैंक खाते में नॉमिनी होने का मतलब संपत्ति का मालिक होना है। कानूनी रूप से नॉमिनी केवल एक कस्टोडियन या ट्रस्टी होता है, जो असली वारिसों के आने तक संपत्ति की देखरेख करता है। यदि आप वसीयत या उत्तराधिकार कानून के तहत सही वारिस नहीं हैं, तो नॉमिनी होने के बावजूद संपत्ति के असली हकदार को इसे ट्रांसफर करना आपकी कानूनी जिम्मेदारी है।

रिपैट्रिएशन और FEMA की सीमाएं

विरासत में मिली राशि को विदेश भेजने के लिए अक्सर NRO (Non-Resident Ordinary) अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता है। FEMA के अनुसार, एक फाइनेंशियल ईयर में अधिकतम $1 मिलियन तक की राशि ही विदेश भेजी जा सकती है। यदि राशि इससे ज्यादा है, तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से विशेष अनुमति लेनी पड़ती है, जो काफी लंबी और जटिल प्रक्रिया है।

टैक्स अनुपालन और डॉक्यूमेंट्स

बैंकों के जरिए फंड ट्रांसफर करने के लिए कड़े नियम हैं। आपको डेथ सर्टिफिकेट, उत्तराधिकार का प्रमाण और केवाईसी (KYC) जमा करना होगा। सबसे महत्वपूर्ण है टैक्स क्लियरेंस, जिसके लिए आपको Form 15CA और Form 15CB जमा करने होते हैं। यह चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) द्वारा सत्यापित होने चाहिए ताकि यह साबित हो सके कि फंड वैध है और उस पर टैक्स चुकाया जा चुका है।

नियमों की अनदेखी का जोखिम

FEMA नियमों का उल्लंघन एक गंभीर मामला है। RBI और प्रवर्तन एजेंसियां उल्लंघन की राशि का तीन गुना तक जुर्माना लगा सकती हैं। इसके अलावा, NRI बनने के बाद भी रेजिडेंट बैंक खातों को NRO स्टेटस में न बदलना भी नियमों का बड़ा उल्लंघन माना जाता है। अपनी मेहनत की कमाई और विरासत को सुरक्षित रखने के लिए समय रहते सभी कागजी कार्रवाई पूरी करना सबसे समझदारी भरा कदम है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.