NPS Vatsalya: बच्चों के भविष्य के लिए बड़ा ऐलान! अब छोटे खातों से पूरा पैसा निकाल सकेंगे, जानें नए नियम

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
NPS Vatsalya: बच्चों के भविष्य के लिए बड़ा ऐलान! अब छोटे खातों से पूरा पैसा निकाल सकेंगे, जानें नए नियम

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पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS Vatsalya स्कीम के लिए निकासी (Withdrawal) के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब सब्सक्राइबर बच्चों की पढ़ाई या अन्य जरूरी खर्चों के लिए फंड निकाल सकेंगे।

क्या हुए बदलाव?

PFRDA ने NPS Vatsalya स्कीम, जो कि नाबालिगों (Minors) के लिए एक पेंशन प्रोडक्ट है, के लिए निकासी के नए नियम जारी किए हैं। इस बदलाव का मकसद पैरेंट्स और गार्जियन को अधिक लिक्विडिटी (Liquidity) देना है, ताकि बच्चे की उच्च शिक्षा (Higher Education) जैसी जरूरतों को पूरा किया जा सके और साथ ही लंबी अवधि की बचत (Long-term Saving) का अनुशासन भी बना रहे।

18-21 साल के बच्चों के लिए खास सुविधा

अब 18 साल की उम्र पूरी करने के बाद और 21 साल की उम्र तक, अकाउंट होल्डर अपने कुल जमा फंड (Corpus) का 80% तक एकमुश्त (Lump Sum) निकाल सकेगा। बचे हुए 20% को एन्युटी (Annuity) में बदलना होगा, जिससे पेंशन मिलती रहेगी।

एक खास छूट भी दी गई है: अगर कुल जमा राशि ₹8 लाख या उससे कम है, तो सब्सक्राइबर पूरा अमाउंट एकमुश्त निकाल सकता है और उसे एन्युटी खरीदने की जरूरत नहीं होगी। यह उन युवाओं के लिए अच्छी खबर है जिन्हें आगे की पढ़ाई या करियर की शुरुआत के लिए पैसों की जरूरत होती है।

आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के नए नियम

पैसे जमा होते समय जरूरत पड़ने पर निकासी के नियम भी स्पष्ट किए गए हैं। अब सब्सक्राइबर कुल 4 बार तक आंशिक निकासी कर सकते हैं। इनमें से 2 बार तब जब अकाउंट होल्डर 18 साल से कम का हो, और 2 बार 18 से 21 साल की उम्र के बीच।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन सभी आंशिक निकासी का कुल योग, खाते में अब तक किए गए कुल योगदान (Contributions) का 25% से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि स्कीम का मुख्य उद्देश्य - लंबी अवधि में पैसा बढ़ाना - बना रहे।

रेगुलर NPS अकाउंट में बदलना

जब सब्सक्राइबर 21 साल का हो जाएगा, तो NPS Vatsalya अकाउंट अपने आप एक रेगुलर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) अकाउंट में बदल जाएगा। इससे व्यक्ति NPS सब्सक्राइबर के रूप में अपनी बचत जारी रख सकेगा और कम्पाउंडिंग (Compounding) व टैक्स-फ्री ग्रोथ का फायदा उठा सकेगा।

पैरेंट्स के लिए जरूरी बातें

ये बदलाव बच्चों के लिए अच्छी सुविधा तो देते हैं, लेकिन पैरेंट्स को यह समझना चाहिए कि NPS Vatsalya एक मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) या सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की तरह इसके रिटर्न की गारंटी नहीं है। इसके रिटर्न्स पेंशन फंड मैनेजर के इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स के प्रदर्शन पर निर्भर करते हैं, जिसमें बाजार का जोखिम (Market Risk) शामिल है।

इसलिए, छोटी-मोटी इमरजेंसी के लिए अन्य बचत योजनाओं में पर्याप्त लिक्विडिटी रखना जरूरी है।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.